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शौचालय का निर्माण अधूरा तो कहीं पानी की है समस्या
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घोरावल क्षेत्र के अमौली ग्राम पंचायत में अधूरा पडा शौचालय ।
- फोटो : SONBHADRA
घोरावल। ओडीएफ घोषित जिले के घोरावल ब्लाक के भरौली गांव में 24 से अधिक शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा है। जो शौचालय बन भी गए हैं वहां पानी की व्यवस्था नहीं है जिससे लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। तमाम लोगों के यहां शौचालय का निर्माण ही नहीं हो पाया है।
घोरावल ब्लॉक के भरौली ग्राम पंचायत में भरौली, सिलवर, डुमरिया मिठाईलाल और डुमरिया भरौली चार राजस्व गांव शामिल हैं। इनमें से डुमरिया मिठाईलाल राजस्व गांव को एक वर्ष पहले ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। वहीं संपूर्ण सोनभद्र को ओडीएफ घोषित करने के बाद भरौली ग्राम पंचायत भी स्वत: ओडीएफ हो चुका है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि दर्जनों परिवार आज भी खुले में शौच जा रहे हैं । यहां कुल 560 शौचालय का निर्माण किया जाना था, जिनमें से करीब 530 शौचालय पूरे हो चुके हैं। इनमें से करीब दो दर्जन शौचालय अभी भी आधे अधूरे पड़े हैं। वहीं करीब आधे दर्जन शौचालयों का अभी निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। अत: इन लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है। वहीं ग्राम पंचायत में पानी की समस्या के चलते भी शौचालय होने के बावजूद लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं।
मुरलीमनोहर यादव एवं यज्ञनारायण यादव ने बताया कि उन्हें शौचालय मिला है, लेकिन गांव में पानी की समस्या होने से शौचालय निर्माण अभी तक पूरा नही हो पाया, जिसकी वजह से वह और उनके परिवार के लोग खुले में शौच जाते हैं।
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तेजबहादुर व बाबूलाल यादव ने बताया कि उनका शौचालय भी आधा अधूरा बना है, जिसके कारण वे शौच के लिए खेतों में जाते हैं। भरौली के ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पानी की यहां पर विकट समस्या है, जिससे शौचालयों के निर्माण में बाधा आती है। वहीं पानी की समस्या के कारण शौचालय होने के बाद भी तमाम ग्रामीण खुले में शौच के लिए जाते हैं।
कोट
ग्राम पंचायत पहाड़ी पर होने के कारण गांव में पानी की समस्या है। इसके कारण करीब एक दर्जन शौचालय अधूरे हैं।-जंगली पटेल, ग्राम प्रधान।
कोट
भरौली ग्राम पंचायत में कुछ शौचालय अधूरे हैं। इन शौचालयों के निर्माण के लिए प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इन्हें पूर्ण कर लिया जाएगा।- कांति देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी
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घोरावल ब्लॉक के भरौली ग्राम पंचायत में भरौली, सिलवर, डुमरिया मिठाईलाल और डुमरिया भरौली चार राजस्व गांव शामिल हैं। इनमें से डुमरिया मिठाईलाल राजस्व गांव को एक वर्ष पहले ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। वहीं संपूर्ण सोनभद्र को ओडीएफ घोषित करने के बाद भरौली ग्राम पंचायत भी स्वत: ओडीएफ हो चुका है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि दर्जनों परिवार आज भी खुले में शौच जा रहे हैं । यहां कुल 560 शौचालय का निर्माण किया जाना था, जिनमें से करीब 530 शौचालय पूरे हो चुके हैं। इनमें से करीब दो दर्जन शौचालय अभी भी आधे अधूरे पड़े हैं। वहीं करीब आधे दर्जन शौचालयों का अभी निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। अत: इन लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है। वहीं ग्राम पंचायत में पानी की समस्या के चलते भी शौचालय होने के बावजूद लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं।
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मुरलीमनोहर यादव एवं यज्ञनारायण यादव ने बताया कि उन्हें शौचालय मिला है, लेकिन गांव में पानी की समस्या होने से शौचालय निर्माण अभी तक पूरा नही हो पाया, जिसकी वजह से वह और उनके परिवार के लोग खुले में शौच जाते हैं।
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तेजबहादुर व बाबूलाल यादव ने बताया कि उनका शौचालय भी आधा अधूरा बना है, जिसके कारण वे शौच के लिए खेतों में जाते हैं। भरौली के ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पानी की यहां पर विकट समस्या है, जिससे शौचालयों के निर्माण में बाधा आती है। वहीं पानी की समस्या के कारण शौचालय होने के बाद भी तमाम ग्रामीण खुले में शौच के लिए जाते हैं।
कोट
ग्राम पंचायत पहाड़ी पर होने के कारण गांव में पानी की समस्या है। इसके कारण करीब एक दर्जन शौचालय अधूरे हैं।-जंगली पटेल, ग्राम प्रधान।
कोट
भरौली ग्राम पंचायत में कुछ शौचालय अधूरे हैं। इन शौचालयों के निर्माण के लिए प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इन्हें पूर्ण कर लिया जाएगा।- कांति देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी