{"_id":"572788e74f1c1b51135cd170","slug":"three-girls-from-the-water-unconscious-chuad","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुआड़ का पानी पीने से तीन लड़कियां अचेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुआड़ का पानी पीने से तीन लड़कियां अचेत
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Mon, 02 May 2016 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के सलैयाडीह गांव के घघवा नाला की चुआड़ का पानी पीने से सोमवार को तीन किशोरी अचेत हो गईं। तीनों को पीएचसी विण्ढमगंज ले जाया गया। यहां करीब पांच घंटे के इलाज के बाद तीनों को होश आ गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
सुबह करीब आठ बजे विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के सलैयाडीह गांव का हरि पासवान अपनी बेटी सोनी (15), पड़ोस की लक्ष्मी (10) पुत्री द्वारिका और प्रियंका (11) पुत्री मुद्रिका पासवान के साथ बकरी चराने के लिए गांव के बाहर घघवा नाला की ओर गया था। सुबह करीब पौने 11 बजे बकरी चराने के दौरान तीनों बच्चियों को प्यास लगी। तीनों ने एक चुआड़ का पानी पी लिया। पानी पीते ही बच्चियों को चक्कर आने लगा और कुछ ही देर बाद वह अचेत हो गईं। आधे घंटे बाद बच्चियां लौट कर बकरी के पास नहीं गई तो हरि घबरा गया और वह उनका पता लगाने के लिए चुआड़ के पास गया तो देखा सभी बेहोश हैं। आनन-फानन में हरि अपनी बेटी को अचेतावस्था में गोद में उठाकर करीब डेढ़ किमी दूरी पर स्थित अपने गांव पहुंचा और लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद लक्ष्मी और प्रियंका के घरवाले भी उनको लेने के लिए दौड़ पड़े। दोपहर बाद घरवाले निजी वाहन से तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विण्ढमगंज ले जाया गया।
यहां डॉक्टर ने बच्चियों की हालत गंभीर देख उन्हें भर्ती कर लिया। करीब चार बजे उपचार के दौरान किशोरियों की हालत में सुधार होना शुरू हुआ। पांच बजे तीनों होश में आ गया। डॉक्टर आरबी प्रजापति ने बताया कि किसी ने मछली मारने के चक्कर में चुआड़ में जहरीली दवा डाल दिया होगा, इसलिए उक्त पानी का सेवन करने से बच्चियां अचेत हो गईं। क्योंकि चुआड़ का पानी पीने से दो पक्षी मर गए हैं। बताया कि तीनों बच्चियां खतरे से बाहर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह करीब आठ बजे विण्ढमगंज थाना क्षेत्र के सलैयाडीह गांव का हरि पासवान अपनी बेटी सोनी (15), पड़ोस की लक्ष्मी (10) पुत्री द्वारिका और प्रियंका (11) पुत्री मुद्रिका पासवान के साथ बकरी चराने के लिए गांव के बाहर घघवा नाला की ओर गया था। सुबह करीब पौने 11 बजे बकरी चराने के दौरान तीनों बच्चियों को प्यास लगी। तीनों ने एक चुआड़ का पानी पी लिया। पानी पीते ही बच्चियों को चक्कर आने लगा और कुछ ही देर बाद वह अचेत हो गईं। आधे घंटे बाद बच्चियां लौट कर बकरी के पास नहीं गई तो हरि घबरा गया और वह उनका पता लगाने के लिए चुआड़ के पास गया तो देखा सभी बेहोश हैं। आनन-फानन में हरि अपनी बेटी को अचेतावस्था में गोद में उठाकर करीब डेढ़ किमी दूरी पर स्थित अपने गांव पहुंचा और लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद लक्ष्मी और प्रियंका के घरवाले भी उनको लेने के लिए दौड़ पड़े। दोपहर बाद घरवाले निजी वाहन से तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विण्ढमगंज ले जाया गया।
विज्ञापन
यहां डॉक्टर ने बच्चियों की हालत गंभीर देख उन्हें भर्ती कर लिया। करीब चार बजे उपचार के दौरान किशोरियों की हालत में सुधार होना शुरू हुआ। पांच बजे तीनों होश में आ गया। डॉक्टर आरबी प्रजापति ने बताया कि किसी ने मछली मारने के चक्कर में चुआड़ में जहरीली दवा डाल दिया होगा, इसलिए उक्त पानी का सेवन करने से बच्चियां अचेत हो गईं। क्योंकि चुआड़ का पानी पीने से दो पक्षी मर गए हैं। बताया कि तीनों बच्चियां खतरे से बाहर हैं।
विज्ञापन