सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज स्थित उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एसपी पाठक के आवास पर रविवार शाम उत्सव ट्रस्ट साहित्य विभाग ‘अदब ओसारी’ की ओर से शिवार्चन काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र ने की। मुख्य अतिथि सिद्धनाथ पांडेय, अजय चतुर्वेदी कक्का और विशिष्ट अतिथि राकेश शरण मिश्र एडवोकेट व अशोक तिवारी एडवोकेट रहे। संचालन शहीद स्थल करारी प्रमुख प्रद्युम्न त्रिपाठी ने किया। वाणी वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दिवाकर द्विवेदी मेघ ने मां वाग्देवी से लोक कल्याण की कामना की। सुधाकर पांडेय, स्वदेश प्रेम, गोपाल कुशवाहा, दयानंद दयालु, धर्मेश चौहान एडवोकेट और विवेक चतुर्वेदी ने समसामयिक रचनाएं प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। विकास वर्मा ने शिव को समर्पित कजरी ‘शिवजी के गूंजति जयकार बा, महिमा अपार बा ना’ सुनाकर माहौल भक्तिमय कर दिया। सोन संगीत फाउंडेशन के सुशील मिश्रा ने शिव को समर्पित पूर्वी प्रस्तुत की। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने शृंगार रस की रचना अगर किसी से दगा करोगे, तुझे मोहब्बत नहीं मिलेगी.. सुनाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। प्रद्युम्न त्रिपाठी ने ‘शिवशंकर के महिमा अपार बा, सावनी बहार बा ना’ और ‘चीनी सत्तर के पार बा, बाजार में मोदी सरकार में ना’ जैसी कजरी के माध्यम से आमजन की पीड़ा को स्वर दिया। अरुण तिवारी ने भारत माता की वंदना करते हुए भारती की आरती उतारिए.. प्रस्तुत की। जयराम सोनी ने सामाजिक विसंगतियों और चंदा चोरी पर हास्य रचना के जरिये व्यंग्य किया। राकेश शरण मिश्र ने देश की दशा और दिशा पर चिंतन करते हुए वीर शहीदों को समर्पित कविता सुनाई। सिद्धनाथ पांडेय ने वन, पर्यावरण, जल, जंगल, जमीन और पशु-पक्षियों के संरक्षण की आवश्यकता पर लोगों को जागरूक किया। अशोक तिवारी ने ‘तुमसे हमने प्यार किया और क्या किया’ सुनाकर वाहवाही लूटी। अजय चतुर्वेदी कक्का की रचना रास्ते सब बंद हैं, हम क्या करें, हर तरफ जयचंद हैं, हम क्या करें..सुनाकर महफिल लूट ली। अध्यक्षीय संबोधन में रामनाथ शिवेंद्र ने कहा कि कवि होना सौभाग्य है लेकिन कविता तभी सार्थक है जब कवि सही-गलत का माद्दा रखते हुए आम आदमी की पीड़ा को स्वर दें। आभार एडवोकेट आशीष पाठक ट्रस्टी उत्सव ट्रस्ट ने जताया। इस मौके पर डॉ. अमरनाथ पाठक, रामचंद्र मिश्र एडवोकेट, मदन चौबे एडवोकेट, गोपाल बंगाली, ठाकुर कुशवाहा, फारुख अली हाशमी, जयशंकर त्रिपाठी, देवानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।