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Sonebhadra News: 17 किमी लंबे बाईपास पर बनेंगे तीन फ्लाईओवर, 13 गांवों से गुजरेगी सड़क
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सोनभद्र। धर्मशाला चौक से महिला थाना तिराहे तक स्थित रॉबर्ट्सगंज के पुराने बाजार के भविष्य पर मंडराता खतरा फिलहाल टल गया है। स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण में बाजार को बचाने के लिए प्रशासन ने 17 किमी लंबे बाईपास का प्रस्ताव तैयार कराया है। करीब 13 गांवों से गुजरने वाला यह बाइपास नगर के बाहर से निकलेगा। आबादी को विस्थापन से बचाने और रेलवे लाइन पर लगने वाले जाम के समाधान के लिए लिए इस पर तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। प्रस्तावित बाईपास की लागत करीब 646 करोड़ रुपये है। हालांकि इसकी वास्तविक स्थित विस्तृत डीपीआर बनने के बाद स्पष्ट होगी। नए बाईपास के प्रस्ताव से नगरवासियों में उत्साह है।
मिर्जापुर के कलवारी से निकलकर घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, पन्नूगंज, खलियारी से होते हुए बिहार बॉर्डर तक जाने वाली सड़क को करीब चार साल पहले स्टेट हाईवे घोषित किया गया था। शासन के मानकों के तहत स्टेट हाईवे की चौड़ाई न्यूनतम साढ़े दस मीटर होती है, जबकि मौजूदा समय में इस मार्ग की चौड़ाई महज सात मीटर ही है। सड़क के विस्तारीकरण से सबसे ज्यादा चिंता में रॉबर्ट्सगंज नगर के लोग थे। मुख्य बाजार धर्मशाला चौराहा से मेन चौक होते हुए महिला थाना, रेलवे क्रॉसिंग तक की सड़क के दोनों तरफ सड़क सात मीटर से भी कम चौड़ी है। दोनों पटरियों पर सैकड़ों मकान व दुकानें बनी हैं। कई लोग तीन-चार पीढि़यों से यहां रह रहे हैं। लिहाजा स्टेट हाईवे बनने के बाद से ही लोग सड़क चौड़ीकरण का विरोध करते आ रहे हैं। उनकी मांग रही है कि बाजार से हाईवे गुजारने के बजाए बाईपास का निर्माण कराया जाए। विधानसभा और फिर नगर पालिका चुनाव में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था। भाजपा की प्रत्याशी रहीं रूबी प्रसाद ने वादा भी किया था कि नगर को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद जिला प्रशासन ने बाईपास का प्रस्ताव तैयार कराया है। प्रस्तावित बाईपास करीब 17 किमी लंबा होगा। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर चुर्क मोड़ से यह शुरू होगा। इसके बाद चुर्क होते हुए पन्नूगंज रोड में शामिल होगा। रास्ते में रेलवे क्रॉसिंग पर आवागमन सुचारु रखने के लिए फ्लाईओवर बनेगा। इसी तरह पन्नूगंज रोड से शुरू होकर सड़क वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे में मिलेगी। इस मार्ग के बीच भी एक फ्लाईओवर प्रस्तावित है। तीसरा फ्लाईओवर वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे को पार कर घोरावल मार्ग में मिलने वाली सड़क पर बनेगा। बाईपास नगर से सटे करीब 13 गांवों से होकर गुजरेगा।
संयुक्त टीम करेगी विस्तृत सर्वे
प्रशासन की ओर से तैयार प्रस्ताव प्रारंभिक सर्वे के आधार पर है। डीएम के माध्यम से इसे शासन को प्रेषित किया जा रहा है। मंजूरी के बाद पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें मार्ग में शामिल होने वाले गांवों और उसके रकबों (भूमि) का उल्लेख होगा। इसी आधार पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी।
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नगर के चारों तरफ होगी रिंग रोड जैसी स्थिति
बाईपास बनने के बाद नगर के चारों तरफ रिंग रोड जैसी सड़क होगी। चुर्क मोड़ से पन्नूगंज रोड होते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग से घोरावल रोड पर बाईपास निकलेगा। वहीं दूसरी ओर उरमौरा से राजपुर तक की सड़क का भी चौड़ीकरण हो रहा है। नगर में आए बिना ही वाहन बाहर से ही दूसरी तरफ निकल जाएंगे।
घोरावल-खलियारी मार्ग पर रॉबर्ट्सगंज नगर के लिए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी लंबाई करीब 17 किमी है। इस पर 646 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। वहां से मंजूरी के बाद इसकी डीपीआर तैयार कराई जाएगी। भविष्य के विस्तार को देखते हुए यह बाईपास काफी उपयोगी होगा। -शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, प्रांतीय खंड।
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मिर्जापुर के कलवारी से निकलकर घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, पन्नूगंज, खलियारी से होते हुए बिहार बॉर्डर तक जाने वाली सड़क को करीब चार साल पहले स्टेट हाईवे घोषित किया गया था। शासन के मानकों के तहत स्टेट हाईवे की चौड़ाई न्यूनतम साढ़े दस मीटर होती है, जबकि मौजूदा समय में इस मार्ग की चौड़ाई महज सात मीटर ही है। सड़क के विस्तारीकरण से सबसे ज्यादा चिंता में रॉबर्ट्सगंज नगर के लोग थे। मुख्य बाजार धर्मशाला चौराहा से मेन चौक होते हुए महिला थाना, रेलवे क्रॉसिंग तक की सड़क के दोनों तरफ सड़क सात मीटर से भी कम चौड़ी है। दोनों पटरियों पर सैकड़ों मकान व दुकानें बनी हैं। कई लोग तीन-चार पीढि़यों से यहां रह रहे हैं। लिहाजा स्टेट हाईवे बनने के बाद से ही लोग सड़क चौड़ीकरण का विरोध करते आ रहे हैं। उनकी मांग रही है कि बाजार से हाईवे गुजारने के बजाए बाईपास का निर्माण कराया जाए। विधानसभा और फिर नगर पालिका चुनाव में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था। भाजपा की प्रत्याशी रहीं रूबी प्रसाद ने वादा भी किया था कि नगर को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद जिला प्रशासन ने बाईपास का प्रस्ताव तैयार कराया है। प्रस्तावित बाईपास करीब 17 किमी लंबा होगा। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर चुर्क मोड़ से यह शुरू होगा। इसके बाद चुर्क होते हुए पन्नूगंज रोड में शामिल होगा। रास्ते में रेलवे क्रॉसिंग पर आवागमन सुचारु रखने के लिए फ्लाईओवर बनेगा। इसी तरह पन्नूगंज रोड से शुरू होकर सड़क वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे में मिलेगी। इस मार्ग के बीच भी एक फ्लाईओवर प्रस्तावित है। तीसरा फ्लाईओवर वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे को पार कर घोरावल मार्ग में मिलने वाली सड़क पर बनेगा। बाईपास नगर से सटे करीब 13 गांवों से होकर गुजरेगा।
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संयुक्त टीम करेगी विस्तृत सर्वे
प्रशासन की ओर से तैयार प्रस्ताव प्रारंभिक सर्वे के आधार पर है। डीएम के माध्यम से इसे शासन को प्रेषित किया जा रहा है। मंजूरी के बाद पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें मार्ग में शामिल होने वाले गांवों और उसके रकबों (भूमि) का उल्लेख होगा। इसी आधार पर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी।
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नगर के चारों तरफ होगी रिंग रोड जैसी स्थिति
बाईपास बनने के बाद नगर के चारों तरफ रिंग रोड जैसी सड़क होगी। चुर्क मोड़ से पन्नूगंज रोड होते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग से घोरावल रोड पर बाईपास निकलेगा। वहीं दूसरी ओर उरमौरा से राजपुर तक की सड़क का भी चौड़ीकरण हो रहा है। नगर में आए बिना ही वाहन बाहर से ही दूसरी तरफ निकल जाएंगे।
घोरावल-खलियारी मार्ग पर रॉबर्ट्सगंज नगर के लिए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी लंबाई करीब 17 किमी है। इस पर 646 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। वहां से मंजूरी के बाद इसकी डीपीआर तैयार कराई जाएगी। भविष्य के विस्तार को देखते हुए यह बाईपास काफी उपयोगी होगा। -शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, प्रांतीय खंड।