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सामूहिक विवाह : मंडप में तीन जोड़ों की दोबारा करा दी शादी, दो के पहले से बच्चे भी; इस जिले में हुआ फर्जीवाड़ा

Mon, 25 Nov 2024 10:45 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 25 Nov 2024 10:45 PM IST
सार

Sonbhadra News : यूपी के सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। अधिकारियों की जांच के दाैरान जोड़ों ने कुछ बोलने से इन्कार कर दिया। पुलिस बुलाने की धमकी पर सच्चाई सामने आई तो अफसरों के होश उड़ गए। 

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Mass marriage Three couples remarried in pavilion two already children fraud happened in Sonbhadra
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई फर्जीवाड़े की होगी जांच। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को जिले में हुई 443 जोड़ों की शादी में तीन ऐसे जोड़े भी शामिल रहे, जिनकी पहले शादी हो चुकी है। दो दंपतियों के बच्चे भी हैं। 

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शिकायत पर शाम को अधिकारी सत्यापन के लिए इनके गांव पहुंचे, जहां जांच में दोबारा शादी करने की पुष्टि हुई। ये तीनों दंपती समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री संजीव गोंड के गृह ब्लॉक चोपन के रहने हैं। इसी ब्लॉक की प्रमुख उनकी पत्नी लीला देवी हैं। उनके गृह क्षेत्र में इस गड़बड़ी ने राजनीतिक हलके में खलबली मचा दी है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सत्यापन के बाद 443 जोड़ों का सोमवार को तहसील स्तर पर विवाह कराया गया। रॉबर्ट्सगंज में 85, दुद्धी में 181, ओबरा में 86 और घोरावल तहसील में 88 जोड़ों ने सात फेरे लिए। दुद्धी में दो और घोरावल में एक जोड़े का निकाह भी हुआ।
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ओबरा तहसील में हुए सामूहिक विवाह में तीन ऐसे जोड़े भी रहे, जिनकी पहले शादी हो चुकी है। तीनों जोड़े चोपन ब्लॉक के रहने वाले हैं। सत्यापन और टोकन जारी होने के बाद मंडप में उनकी शादी करा दी गई। दो जोड़ों के बच्चे भी हैं। एक दंपती का मामला कुछ माह पहले थाने तक पहुंचा था। 

सोमवार को दोबारा विवाह रचाने की शिकायत पर देर शाम जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव और चोपन बीडीओ शुभम बरनवाल चिह्नित जोड़ों के सत्यापन के लिए उनके गांव पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। करीब घंटे भर पूछताछ के बाद दो जोड़ों के विवाह की पुष्टि हुई।

पहले कतराते रहे, सख्ती हुई तो बताई सच्चाई
सामूहिक विवाह संपन्न होने के बाद हुई शिकायत की जांच के लिए अधिकारी जब गांव पहुंचे तो जोड़ों ने पूर्व में शादी होने की बात से इन्कार कर दिया। गांव के प्रधान और पूर्व प्रधान को भी बुलाया गया तो उन्होंने भी इन्कार किया। आसपास के लोग भी बताने से कतराते रहे। बाद में जब अफसरों ने पुलिस को बुलाने और केस दर्ज कराने की बात कही, तब सच्चाई सामने आई। बताया गया कि गरीब परिवार को योजना का लाभ दिलाने की मंशा से शादी कराई गई है।

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