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सर्वे में पोषाहार पाने वाले एक लाख पात्र घट गए
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:25 PM IST
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बाल विकास, पुष्टाहार एवं सेवा विभाग में जिले स्तर पर पोषाहार के पात्रों के हुए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अक्तूबर 2016 से लेकर मई 2017 तक हुए सर्वे में अब पात्रों की संख्या करीब एक लाख से अधिक घट गई है। विभाग का कहना है कि भविष्य में उन्हीं को योजना का लाभ दिया जाएगा जो आधार कार्ड और इपिक नंबर से जुड़े रहेंगे।
प्रदेश भर में बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं के लिए पोषाहार योजना चलाई जा रही है। सोनभद्र में भी छह माह से तीन वर्ष तक के, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, सबला योजना के तहत किशोरियों, बालिकाओं को पोषाहार दिया जाता है। विभाग ने इन पात्रों का नए सिरे से सर्वे कराया तो अक्तूबर 2016 से मई 2017 के बीच पात्रों की संख्या में भारी अंतर आया।
डीपीओ अजीत सिंह ने बताया कि अक्टूबर 2016 में छह माह से तीन वर्ष के बच्चों की संख्या 136552 थी जो मई में घटकर 103295 हो गई। इस तरह 33257 पात्रों की संख्या घट गई। इसी तरह तीन से छह वर्ष के बच्चों में 64669, गर्भती महिलाओं की 4252, धात्री माताओं में 5516 पात्रों की संख्या घटी है।
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11-14 वर्ष आयु की स्कूल न जाने वाली 8802 और 15-18 वर्ष तक आयु की 30423 पात्रों की संख्या कम हुई है। डीपीओ ने बताया कि इतना बड़ा अंतर तब सामने आया जब सभी पात्रों को आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र के इपिक नंबर से जोड़ने का काम शुरू किया गया।
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प्रदेश भर में बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं के लिए पोषाहार योजना चलाई जा रही है। सोनभद्र में भी छह माह से तीन वर्ष तक के, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, सबला योजना के तहत किशोरियों, बालिकाओं को पोषाहार दिया जाता है। विभाग ने इन पात्रों का नए सिरे से सर्वे कराया तो अक्तूबर 2016 से मई 2017 के बीच पात्रों की संख्या में भारी अंतर आया।
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डीपीओ अजीत सिंह ने बताया कि अक्टूबर 2016 में छह माह से तीन वर्ष के बच्चों की संख्या 136552 थी जो मई में घटकर 103295 हो गई। इस तरह 33257 पात्रों की संख्या घट गई। इसी तरह तीन से छह वर्ष के बच्चों में 64669, गर्भती महिलाओं की 4252, धात्री माताओं में 5516 पात्रों की संख्या घटी है।
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11-14 वर्ष आयु की स्कूल न जाने वाली 8802 और 15-18 वर्ष तक आयु की 30423 पात्रों की संख्या कम हुई है। डीपीओ ने बताया कि इतना बड़ा अंतर तब सामने आया जब सभी पात्रों को आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र के इपिक नंबर से जोड़ने का काम शुरू किया गया।