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Sonebhadra News: समितियों पर कहीं यूरिया और कहीं डीएपी की किल्लत
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शासन से लक्ष्य के मुकाबले खरीफ सीजन में अभी तक जिले को पर्याप्त खाद नहीं मिल सकी है। नतीजन जिले में किसी समिति पर डीएपी तो किसी पर यूरिया की किल्लत हो गई है। कुछ जगहों पर दोनों खाद नहीं है।
धान की रोपाई करने के बाद किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। समिति पर खाद नहीं मिलने से बाजार से ऊंचे दाम पर खरीदना पड़ रहा है। जिले में संचालित साधन सहकारी समितियों पर खरीफ सीजन वर्ष 2024-25 में माह जुलाई से अगस्त तक यूरिया 10610 एमटी, डीएपी 6641 एमटी और एपीएस 2141 एमटी उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है।
इसके मुकाबले जिले की संचालित साधन सहकारी समितियों को यूरिया 5706 एमटी, डीएपी 4910 एमटी तथा एपीएस 1314 एमटी उपलब्ध हुआ है। खाद उपलब्धता के ये आंकड़ें 12 अगस्त तक के हैं।
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शासन स्तर से 30 सितंबर तक लक्ष्य के सापेक्ष सोनभद्र जनपद में खाद उपलब्ध कराना है। आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 60 से 70 फीसदी खाद प्राप्त हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ धान की रोपाई के बाद बढ़ी खाद की मांग से कई समितियों पर खाद का स्टॉक खत्म हो गया है।
जहां खाद उपलब्ध है भी तो सीमित मात्रा में है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के समय डीएपी की ज्यादा जरूरत होती है। इसके बाद यूरिया खेतों में डाला जाता है। मंगलवार को कई समितियों की पड़ताल कराई गई तो यह देखने को मिला।
दुद्धी स्थित लैंपस में पिछले साल 35 एमटी डीएपी वितरण की गई थी। इस वर्ष 60 एमटी डीएपी बिक्री की गई है। पिछले साल यूरिया 166 एमटी बिक्री हुई थी। वहीं इस साल अभी तक 65.7 एमटी ही बिक्री हुआ है। लैंपस में डीएपी की उपलब्धता पर्याप्त है, मगर यूरिया नहीं मिल रही है।
इन समितियों का स्टॉक खाली
विकास खंड चतरा में संचालित साधन सहकारी समिति शिवपुर, रामगढ़, कोरियांव, बिरधी व सोढ़ा साधन सहकारी समितियों पर कई दिनों से डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं है। समितियों पर जाने वाले किसानों को उल्टे लौटना पड़ रहा है। किसान बाजार से ऊंचे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। चोपन नगर स्थित लैंपस के सचिव राम अनंत ने बताया कि यूरिया और डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया था। किसानों की परेशानी को देखते हुए खाद मंगा ली गई है। बुधवार से खाद वितरित किया जाएगा। साधन सहकारी समिति बट बंतरा पर डीएपी और यूरिया 10 अगस्त से समाप्त है। अभी डीएपी की खेप नहीं आई है। हालांकि किसानों में वितरित करने के लिए यूरिया आ गई है।
इन समितियों पर खाद उपलब्ध
करमा ब्लॉक में संचालित साधन सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता है। किसान सेवा सहकारी संघ केकराही में डीएपी 50 बोरी एवं यूरिया 400 बोरी उपलब्ध है। यह जानकारी प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने दी। वहीं किसान सेवा सहकारी समिति पॉपी के प्रभारी प्रवीण कुमार तिवारी के मुताबिक केंद्र पर इस समय 600 बोरी डीएपी एवं 400 बोरी यूरिया उपलब्ध है। वहीं बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति करमा में 500 बोरी यूरिया और 500 बोरी डीएपी, फुलवारी स्थित समिति में 700 बोरी यूरिया व 500 बोरी डीएपी उपलब्ध मिला। खाद वितरण बुधवार को शुरू होगा। उप केंद्र खैरपुर में 400 बोरी यूरिया और 500 बोरी डीएपी उपलब्ध है। यहां वितरण बृहस्पतिवार से किया जाएगा। यह जानकारी समिति के प्रभारी प्रबंध निदेशक धीरज कुमार तिवारी ने दी।
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धान की रोपाई करने के बाद किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। समिति पर खाद नहीं मिलने से बाजार से ऊंचे दाम पर खरीदना पड़ रहा है। जिले में संचालित साधन सहकारी समितियों पर खरीफ सीजन वर्ष 2024-25 में माह जुलाई से अगस्त तक यूरिया 10610 एमटी, डीएपी 6641 एमटी और एपीएस 2141 एमटी उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है।
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इसके मुकाबले जिले की संचालित साधन सहकारी समितियों को यूरिया 5706 एमटी, डीएपी 4910 एमटी तथा एपीएस 1314 एमटी उपलब्ध हुआ है। खाद उपलब्धता के ये आंकड़ें 12 अगस्त तक के हैं।
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शासन स्तर से 30 सितंबर तक लक्ष्य के सापेक्ष सोनभद्र जनपद में खाद उपलब्ध कराना है। आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 60 से 70 फीसदी खाद प्राप्त हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ धान की रोपाई के बाद बढ़ी खाद की मांग से कई समितियों पर खाद का स्टॉक खत्म हो गया है।
जहां खाद उपलब्ध है भी तो सीमित मात्रा में है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के समय डीएपी की ज्यादा जरूरत होती है। इसके बाद यूरिया खेतों में डाला जाता है। मंगलवार को कई समितियों की पड़ताल कराई गई तो यह देखने को मिला।
दुद्धी स्थित लैंपस में पिछले साल 35 एमटी डीएपी वितरण की गई थी। इस वर्ष 60 एमटी डीएपी बिक्री की गई है। पिछले साल यूरिया 166 एमटी बिक्री हुई थी। वहीं इस साल अभी तक 65.7 एमटी ही बिक्री हुआ है। लैंपस में डीएपी की उपलब्धता पर्याप्त है, मगर यूरिया नहीं मिल रही है।
इन समितियों का स्टॉक खाली
विकास खंड चतरा में संचालित साधन सहकारी समिति शिवपुर, रामगढ़, कोरियांव, बिरधी व सोढ़ा साधन सहकारी समितियों पर कई दिनों से डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं है। समितियों पर जाने वाले किसानों को उल्टे लौटना पड़ रहा है। किसान बाजार से ऊंचे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। चोपन नगर स्थित लैंपस के सचिव राम अनंत ने बताया कि यूरिया और डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया था। किसानों की परेशानी को देखते हुए खाद मंगा ली गई है। बुधवार से खाद वितरित किया जाएगा। साधन सहकारी समिति बट बंतरा पर डीएपी और यूरिया 10 अगस्त से समाप्त है। अभी डीएपी की खेप नहीं आई है। हालांकि किसानों में वितरित करने के लिए यूरिया आ गई है।
इन समितियों पर खाद उपलब्ध
करमा ब्लॉक में संचालित साधन सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता है। किसान सेवा सहकारी संघ केकराही में डीएपी 50 बोरी एवं यूरिया 400 बोरी उपलब्ध है। यह जानकारी प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने दी। वहीं किसान सेवा सहकारी समिति पॉपी के प्रभारी प्रवीण कुमार तिवारी के मुताबिक केंद्र पर इस समय 600 बोरी डीएपी एवं 400 बोरी यूरिया उपलब्ध है। वहीं बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति करमा में 500 बोरी यूरिया और 500 बोरी डीएपी, फुलवारी स्थित समिति में 700 बोरी यूरिया व 500 बोरी डीएपी उपलब्ध मिला। खाद वितरण बुधवार को शुरू होगा। उप केंद्र खैरपुर में 400 बोरी यूरिया और 500 बोरी डीएपी उपलब्ध है। यहां वितरण बृहस्पतिवार से किया जाएगा। यह जानकारी समिति के प्रभारी प्रबंध निदेशक धीरज कुमार तिवारी ने दी।