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Sonebhadra News: जेल की दीवारें दे रहीं सभ्य नागरिक बनने का संदेश
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सोनभद्र। जिला कारागार (गुरमा) सोनभद्र में निरुद्ध बंदियों की मनोदशा बदलने और उनमें समाज एवं देश के लिए कुछ अच्छा कर गुजरने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए कारागार की दीवारों पर देश के महान विभूतियों के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वॉल पेंटिंग कराई गई है। वॉल पेंटिंग के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं संघर्षों के बारे में कैदियाें को जानकारी दी जाएगी, ताकि जेल से छूटने के बाद वे फिर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल न हों। वॉल पेंटिंग का कार्य स्वयंसेवी संस्था की तरफ से कराया गया है। इसमें कैदियों की भी सहायता ली गई है।
जिला कारागार गुरमा स्थित महिला हाता की दीवार पर एक संस्था के माध्यम तथा कैदियों के सहयोग से विरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्री बाई फूले, उषा मेहता, सरोजनी नायडू के साथ ही भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, राष्ट्रपति महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद को दीवार पर वॉल पेंटिंग के माध्यम से उकेरा गया है। जेल प्रशासन के मुताबिक कारागार की दीवारों पर महापुरुषों की तस्वीरें उकेरने के पीछे आदतन अपराधियों के मनोदशा में बदलाव लाना मुख्य उद्देश्य हैं। खासकर युवा पीढ़ी के कैदी जो आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहते हुए जिला कारागार में निरुद्ध किए गए हैं, उनकी मनोदशा बदले और कारागार से छूटने पर वह महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलकर समाज की मुख्य धारा में लौटे, यह प्रयास किया जा रहा है। दीवारों पर वॉल पेंटिंग एक संस्था के माध्यम से किया गया है।
कारागार की दीवारों पर एक सामाजिक संस्था की तरफ से वॉल पेंटिंग कराई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य कारागार में निरुद्ध कैदियों का मनोदशा में बदलाव लाना है। ताकि वह यहां से छूटने के बाद समाज व देश के तरक्की में अपना योगदान दें सकें। - सौरभ श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक,जिला कारागार सोनभद्र।
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जिला कारागार गुरमा स्थित महिला हाता की दीवार पर एक संस्था के माध्यम तथा कैदियों के सहयोग से विरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्री बाई फूले, उषा मेहता, सरोजनी नायडू के साथ ही भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, राष्ट्रपति महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद को दीवार पर वॉल पेंटिंग के माध्यम से उकेरा गया है। जेल प्रशासन के मुताबिक कारागार की दीवारों पर महापुरुषों की तस्वीरें उकेरने के पीछे आदतन अपराधियों के मनोदशा में बदलाव लाना मुख्य उद्देश्य हैं। खासकर युवा पीढ़ी के कैदी जो आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहते हुए जिला कारागार में निरुद्ध किए गए हैं, उनकी मनोदशा बदले और कारागार से छूटने पर वह महापुरुषों के पदचिह्नों पर चलकर समाज की मुख्य धारा में लौटे, यह प्रयास किया जा रहा है। दीवारों पर वॉल पेंटिंग एक संस्था के माध्यम से किया गया है।
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कारागार की दीवारों पर एक सामाजिक संस्था की तरफ से वॉल पेंटिंग कराई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य कारागार में निरुद्ध कैदियों का मनोदशा में बदलाव लाना है। ताकि वह यहां से छूटने के बाद समाज व देश के तरक्की में अपना योगदान दें सकें। - सौरभ श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक,जिला कारागार सोनभद्र।
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