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Sonebhadra News: 68 घंटे तक चला सर्च आपरेशन पर नहीं ढूंढ सकी टीमें
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ओबरा। रेणु नदी पर बने नए सेतु के पास सेल्फी लेने के दौरान नदी में डूबे किशोर और युवक को तलाशने के लिए 68 घंटे का सर्च ऑपरेशन चला। पहले पीएसी, फिर रामनगर के गोताखोर और बाद में लखनऊ से आई एसडीआरएफ की टीम ने सर्च आपरेशन चलाया, फिर भी डूबे किशोर व युवक को ढूंढने में सफलता नहीं मिली। अंतत: डूबे किशोर अंकित का शव बुधवार को घटनास्थल से 250 मीटर आगे नदी में उतराया मिला। इससे एक दिन पहले युवक मुकेश का शव नदी में उतराया मिला था। सर्च आपरेशन चला रहीं टीमों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास नदी में बड़े-बड़े गड्ढे और बोल्डर होने की वजह से सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें आई।
सीओ कार्यालय ओबरा में तैनात मुंशी अरविंद कुमार का भतीजा अंकित कुमार (16) पुत्र अशोक कुमार निवासी जादूराज थाना शाहिदाबाद जिला गाजीपुर, ओबरा थाने में तैनात दीवान सुभाष मौर्य का भाई मुकेश मौर्य (25) पुत्र बेनी प्रसाद मौर्य निवासी बरदहा गाजीपुर अपने साथी आशुतोष कुशवाहा (29) पुत्र विद्याधर कुशवाहा के साथ बीते रविवार की सुबह रेणु नदी किनारे घूमने गए थे। रेणु नदी में उतरकर सेल्फी लेने के दौरान अंकित और मुकेश जिससे दोनों डूब गए। डूबे किशोर व युवक की तलाशी के लिए पहले स्थानीय गोताखोरों ने अभियान चलाया।
घटना के दूसरे दिन सोमवार को रामनगर से आए पीएसी के खोजी दस्ते ने दोनों की तलाश की। मगर सफलता हासिल नहीं हो सकी थी। पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह की पहल पर मंगलवार की सुबह लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। एसडीआरएफ की टीम मंगलवार को नदी में नाव उतारकर तथा पानी के अंदर जाकर विभिन्न उपकरणों से डूबे किशोर व युवक का पता लगाने में पूरे दिन जुटी रहीं। इस दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुकेश का शव उतराया हुआ मिला था। पर अंकित का पता नहीं चला। मंगलवार को अंधेरा होने पर सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था। बुधवार को जब तब टीम सर्च ऑपरेशन चलाती इससे पहले घटनास्थल से करीब 250 मीटर आगे अंकित का शव नदी में उतराया मिला।
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कक्षा 10वीं का छात्र था अंकित
रेणु नदी में डूबे किशोर अंकित का शव बुधवार को मिल गया। मृतक के चाचा अरविंद कुमार के मुताबिक अंकित हाईस्कूल का छात्र था। वह उनके पास ही रहकर पढ़ाई करता था। बुधवार को नदी में अंकित का शव देखते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई।
सर्च ऑपरेशन चलाने में आई दिक्कत
सर्च ऑपरेशन चला रहे एसडीआरएफ इंस्पेक्टर मोइन खान ने बताया कि घटनास्थल के आसपास नदी में बड़े-बड़े गड्ढे और बोल्डर होने के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस मौके पर ओबरा प्रभारी निरीक्षक देवीवर शुक्ला, क्राइम इंस्पेक्टर डीके चौधरी, कस्बा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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सीओ कार्यालय ओबरा में तैनात मुंशी अरविंद कुमार का भतीजा अंकित कुमार (16) पुत्र अशोक कुमार निवासी जादूराज थाना शाहिदाबाद जिला गाजीपुर, ओबरा थाने में तैनात दीवान सुभाष मौर्य का भाई मुकेश मौर्य (25) पुत्र बेनी प्रसाद मौर्य निवासी बरदहा गाजीपुर अपने साथी आशुतोष कुशवाहा (29) पुत्र विद्याधर कुशवाहा के साथ बीते रविवार की सुबह रेणु नदी किनारे घूमने गए थे। रेणु नदी में उतरकर सेल्फी लेने के दौरान अंकित और मुकेश जिससे दोनों डूब गए। डूबे किशोर व युवक की तलाशी के लिए पहले स्थानीय गोताखोरों ने अभियान चलाया।
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घटना के दूसरे दिन सोमवार को रामनगर से आए पीएसी के खोजी दस्ते ने दोनों की तलाश की। मगर सफलता हासिल नहीं हो सकी थी। पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह की पहल पर मंगलवार की सुबह लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। एसडीआरएफ की टीम मंगलवार को नदी में नाव उतारकर तथा पानी के अंदर जाकर विभिन्न उपकरणों से डूबे किशोर व युवक का पता लगाने में पूरे दिन जुटी रहीं। इस दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुकेश का शव उतराया हुआ मिला था। पर अंकित का पता नहीं चला। मंगलवार को अंधेरा होने पर सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था। बुधवार को जब तब टीम सर्च ऑपरेशन चलाती इससे पहले घटनास्थल से करीब 250 मीटर आगे अंकित का शव नदी में उतराया मिला।
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कक्षा 10वीं का छात्र था अंकित
रेणु नदी में डूबे किशोर अंकित का शव बुधवार को मिल गया। मृतक के चाचा अरविंद कुमार के मुताबिक अंकित हाईस्कूल का छात्र था। वह उनके पास ही रहकर पढ़ाई करता था। बुधवार को नदी में अंकित का शव देखते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई।
सर्च ऑपरेशन चलाने में आई दिक्कत
सर्च ऑपरेशन चला रहे एसडीआरएफ इंस्पेक्टर मोइन खान ने बताया कि घटनास्थल के आसपास नदी में बड़े-बड़े गड्ढे और बोल्डर होने के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस मौके पर ओबरा प्रभारी निरीक्षक देवीवर शुक्ला, क्राइम इंस्पेक्टर डीके चौधरी, कस्बा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।