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लैंको में उत्पादन शून्य अनपरा में घटाना पड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:08 PM IST
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पारेषण लाइनों में खराबी के कारण राज्य सेक्टर की 2630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना में जहां गुरुवार को 565 मेगावाट उत्पादन घटाना (थर्मल बैकिंग) पड़ा। वहीं निजी क्षेत्र की 1200 मेगावाट वाली लैंको परियोजना में बुधवार रात आठ बजे से लेकर गुरुवार देर शाम तक उत्पादन शून्य रहा। यह स्थिति तब है, जब थर्मल बैकिंग की आड़ में राज्य सेक्टर के 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा और 210 मेगावाट की पनकी परियोजना में ठप चल रहा उत्पादन माह भर बाद भी शून्य बनाए रखा गया है।
बुधवार की रात जगह-जगह बूंदाबांदी के चलते पारेषण लाइनों में कई जगह फाॅल्ट की स्थिति बनी रही। इसका सीधा असर बिजली परियोजनाओं के उत्पादन पर दिखाई दिया। लैंको में 600 मेगावाट की दूसरी इकाई जहां पहले से अनुरक्षण में चल रही थी। वहीं पहली इकाई भी मंगलवार की रात बंद कर दी गई।
यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि दूसरी इकाई को गुरुवार को दोपहर बाद लाइटअप कर लिया गया। शुक्रवार सुबह से इसकी पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। एक-दो दिन में पहली इकाई को भी उत्पादन पर ले लिया जाएगा। वहीं अनपरा परियोजना के सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि शक्ति भवन के निर्देश पर शाम पांच बजे से अनपरा ए परियोजना में 160, अनपरा बी में 250 और अनपरा डी में 150 मेगावाट उत्पादन घटवाया गया है। अगले आदेश तक यह थर्मल बैकिंग बनी रहेगी। उधर, करीब डेढ़ माह से थर्मल बैकिंग के नाम पर बंद चल रहीं पनकी और पारीक्षा परियोजनाओं की इकाइयां अब तक उत्पादन पर आने पर अभियताओं ने नाराजगी जताई है।
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राज्य उत्पादन निगम अधिकारी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जामवंत प्रसाद ने जर्जर पारेषण लाइनों की शीघ्र मरम्मत बंद पड़ी इकाइयों को चालू करने की मांग की है।
बुधवार की रात जगह-जगह बूंदाबांदी के चलते पारेषण लाइनों में कई जगह फाॅल्ट की स्थिति बनी रही। इसका सीधा असर बिजली परियोजनाओं के उत्पादन पर दिखाई दिया। लैंको में 600 मेगावाट की दूसरी इकाई जहां पहले से अनुरक्षण में चल रही थी। वहीं पहली इकाई भी मंगलवार की रात बंद कर दी गई।
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यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि दूसरी इकाई को गुरुवार को दोपहर बाद लाइटअप कर लिया गया। शुक्रवार सुबह से इसकी पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। एक-दो दिन में पहली इकाई को भी उत्पादन पर ले लिया जाएगा। वहीं अनपरा परियोजना के सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि शक्ति भवन के निर्देश पर शाम पांच बजे से अनपरा ए परियोजना में 160, अनपरा बी में 250 और अनपरा डी में 150 मेगावाट उत्पादन घटवाया गया है। अगले आदेश तक यह थर्मल बैकिंग बनी रहेगी। उधर, करीब डेढ़ माह से थर्मल बैकिंग के नाम पर बंद चल रहीं पनकी और पारीक्षा परियोजनाओं की इकाइयां अब तक उत्पादन पर आने पर अभियताओं ने नाराजगी जताई है।
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राज्य उत्पादन निगम अधिकारी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जामवंत प्रसाद ने जर्जर पारेषण लाइनों की शीघ्र मरम्मत बंद पड़ी इकाइयों को चालू करने की मांग की है।