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Sonebhadra News: तीसरे तल पर मेडिसिन वार्ड में सिर्फ पंखे का सहारा, आर्थो वार्ड में बार-बार ट्रिपिंग से कूलर भी बेअसर
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मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज। -संवाद
सोनभद्र। तपिश की मार से मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए किए गए राहत के इंतजाम लड़खड़ा गए हैं। कूलर-पंखे बेअसर साबित हो रहे हैं। महज सर्जरी वार्ड में सेंट्रल एसी की सुविधा है। इसके अलावा अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है। डॉक्टर भी गर्मी की मार से अछूते नहीं हैं। रात में बिजली गुल होने पर हायतौबा की स्थिति बन जा रही है। बैटरी बैकअप की भी स्थिति खराब है। इसका सीधा असर मेडिकल कॉलेज के जरूरी संयंत्रों के संचालन पर पड़ रहा है। आर्थो वार्ड में वाटर कूलर खराब होने और मेडिसिन वार्ड में सिर्फ पंखे की व्यवस्था से मरीजों में असंतोष है। हालांकि प्रबंधन का दावा है कि राहत के लिए संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। बिजली ट्रिपिंग के चलते आ रही दिक्कतों पर रोक के लिए बिजली निगम को पत्र भेजा गया है।
बताते चलें कि मेडिकल कॉलेज की मुख्य चिकित्सकीय व्यवस्था एलटू भवन में संचालित है। शुक्रवार को इसकी पड़ताल की गई तो चला कि निचले और दूसरे तल पर संचालित ओपीडी की व्यवस्था पंखे के भरोसे है। महज एक जगह कूलर लगा दिखा। वह भी ओपीडी कक्ष के एक हिस्से को ही राहत दे रहा था। डॉक्टरों के कक्ष में सिर्फ पंखा ही लगा है। सर्जरी वार्ड में सेंट्रल एसी से राहत है। आर्थो वार्ड में प्रत्येक कक्ष में कूलर उपलब्ध कराए गए हैं, मगर तपिश की मार लोगों को परेशान किए रही। यहां लगा वाटर कूलर खराब होने से मरीज दूसरे तल से पानी लाने के लिए विवश दिखे। मेडिसिन वार्ड तीसरे तल पर होने और उसके बाद भी महज पंखे की व्यवस्था से मरीजों में नाराजगी रही। उनका कहना था कि एलटू भवन में मौजूद जिम्मेदारों से कई बार शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
मेडिसिन वार्ड में पत्नी को इलाज के लिए भर्ती कराया है। गर्मी से राहत के लिए कोई खास इंतजाम नहीं है। दिन में तपिश तो रात में उमस की मार झेलनी पड़ रही है। शौचालय में गंदगी पसरी हुई है। - नंदलाल।
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व्हील चेयर की पर्याप्त उपलब्धता न होने से मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। थर्ड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर तक चक्कर लगाने के बाद मरीज को गोंद में उठाकर ले जाना पड़ रहा है। - रामसजीवन मौर्य।
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मेडिसिन वार्ड में गर्मी से राहत के लिए महज पंखे की व्यवस्था से काफी परेशानी हो रही है। बृहस्पतिवार की रात लगभग एक से डेढ़ घंटे तक बिजली कटी रही। इसके चलते उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। - लक्ष्मण पांडेय।
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पत्नी के सिर में काफी दर्द की शिकायत है। मेडिसिन वार्ड में गर्मी से राहत के लिए महज पंखे की व्यवस्था से उनका यह दर्द और ज्यादा बढ़ जा रहा है। दिन में गर्मी और रात में उमस सता रही है। यहां जो भी मिल रहा है उससे शिकायत दर्ज कराई जा रही है लेकिन कोई राहत नहीं मिल पा रही। - प्रदीप पांडेय।
ओपीडी में मरीजों और डॉक्टरों को राहत देने के लिए आठ एसी मंगवा ली गई है। कुछ और उपकरण मंगाए जा रहे हैं। जल्द ही उसे लगवाया जाएगा। वार्डों में भर्ती मरीजों को भी एसी की सुविधा के प्रयास किए जा रहे हैं। बैटरी बैकअप की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए कॉलेज प्रबंधन बिजली निगम को अतिरिक्त भुगतान भी करता है। अचानक ट्रिपिंग से आने वाली दिक्कत पर स्थाई नियंत्रण पाया जा चुका है। इसके लिए बिजली निगम को पूर्व में पत्र भेजे गए हैं। फिर से पत्र भेजा जा रहा है। चिकित्सकीय इंतजाम को दुरूस्त रखने के लिए नई व्यवस्था भी बनाई जा रही है ताकि किसी मरीज या डॉक्टर को किसी तरह की असुविधा न होने पाए। - प्रो. आनंद, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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बताते चलें कि मेडिकल कॉलेज की मुख्य चिकित्सकीय व्यवस्था एलटू भवन में संचालित है। शुक्रवार को इसकी पड़ताल की गई तो चला कि निचले और दूसरे तल पर संचालित ओपीडी की व्यवस्था पंखे के भरोसे है। महज एक जगह कूलर लगा दिखा। वह भी ओपीडी कक्ष के एक हिस्से को ही राहत दे रहा था। डॉक्टरों के कक्ष में सिर्फ पंखा ही लगा है। सर्जरी वार्ड में सेंट्रल एसी से राहत है। आर्थो वार्ड में प्रत्येक कक्ष में कूलर उपलब्ध कराए गए हैं, मगर तपिश की मार लोगों को परेशान किए रही। यहां लगा वाटर कूलर खराब होने से मरीज दूसरे तल से पानी लाने के लिए विवश दिखे। मेडिसिन वार्ड तीसरे तल पर होने और उसके बाद भी महज पंखे की व्यवस्था से मरीजों में नाराजगी रही। उनका कहना था कि एलटू भवन में मौजूद जिम्मेदारों से कई बार शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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मेडिसिन वार्ड में पत्नी को इलाज के लिए भर्ती कराया है। गर्मी से राहत के लिए कोई खास इंतजाम नहीं है। दिन में तपिश तो रात में उमस की मार झेलनी पड़ रही है। शौचालय में गंदगी पसरी हुई है। - नंदलाल।
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व्हील चेयर की पर्याप्त उपलब्धता न होने से मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। थर्ड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर तक चक्कर लगाने के बाद मरीज को गोंद में उठाकर ले जाना पड़ रहा है। - रामसजीवन मौर्य।
मेडिसिन वार्ड में गर्मी से राहत के लिए महज पंखे की व्यवस्था से काफी परेशानी हो रही है। बृहस्पतिवार की रात लगभग एक से डेढ़ घंटे तक बिजली कटी रही। इसके चलते उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। - लक्ष्मण पांडेय।
पत्नी के सिर में काफी दर्द की शिकायत है। मेडिसिन वार्ड में गर्मी से राहत के लिए महज पंखे की व्यवस्था से उनका यह दर्द और ज्यादा बढ़ जा रहा है। दिन में गर्मी और रात में उमस सता रही है। यहां जो भी मिल रहा है उससे शिकायत दर्ज कराई जा रही है लेकिन कोई राहत नहीं मिल पा रही। - प्रदीप पांडेय।
ओपीडी में मरीजों और डॉक्टरों को राहत देने के लिए आठ एसी मंगवा ली गई है। कुछ और उपकरण मंगाए जा रहे हैं। जल्द ही उसे लगवाया जाएगा। वार्डों में भर्ती मरीजों को भी एसी की सुविधा के प्रयास किए जा रहे हैं। बैटरी बैकअप की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए कॉलेज प्रबंधन बिजली निगम को अतिरिक्त भुगतान भी करता है। अचानक ट्रिपिंग से आने वाली दिक्कत पर स्थाई नियंत्रण पाया जा चुका है। इसके लिए बिजली निगम को पूर्व में पत्र भेजे गए हैं। फिर से पत्र भेजा जा रहा है। चिकित्सकीय इंतजाम को दुरूस्त रखने के लिए नई व्यवस्था भी बनाई जा रही है ताकि किसी मरीज या डॉक्टर को किसी तरह की असुविधा न होने पाए। - प्रो. आनंद, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।

मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज। -संवाद