Sonbhadra Mining Accident: खदान हादसे के लिए मेरी नहीं, मैनेजर की तय हो सकती है जवाबदेही; मालिक को मिली राहत
Sonbhadra News: सोनभद्र जिले में खदान हादसे में खदान मालिक को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी दलील पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
विस्तार
क्या है मामला
15 नवंबर को हुए खदान हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई थी। मामले में पनारी निवासी छोटू यादव की तहरीर पर खदान मालिक और उनके पार्टनर पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस की जांच में 10 नाम सामने आए थे। वहीं, माइंस मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। खदान मालिक सहित छह लोगों के हाजिर न होने पर अदालत से गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
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अब इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से खदान मालिक को राहत मिल गई है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव ने याचिका की सुनवाई की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ता (आरोपी) मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स में पार्टनर है। खदान में काम करने वाले मजदूर की मौत उनके किसी काम की वजह से नहीं हुई।
यह हादसा खदान के मैनेजर की लापरवाही का हो सकता है। तथ्यों-दलीलों को देखते हुए बेंच ने माना कि इस पर विचार करने की जरूरत है। इसके लिए पक्षकारों से तीन सप्ताह के भीतर जवाबी शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया गया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई होने या पुलिस रिपोर्ट जमा होने तक, गिरफ्तार पर रोक लगा दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग करेगा। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो पुलिस हाईकोर्ट में अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र होगी।