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यास चक्रवात का असर, जेठ माह में सावन का नजारा
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जिले में यास तूफान का असर तीसरे दिन शुक्रवार को भी देखने को मिला। सुबह से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे और रुक रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। सड़क पर कीचड़ पसरने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुई। वहीं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद सुचारु रूप से नहीं होने से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज के साथ ही ग्रामीण इलाकों में चौतरफा बृहस्पतिवार की रात में तेज बारिश हुई। शुक्रवार की भोर से रिमझिम बारिश होती रही। जेठ के महीने में तेज धूप और लू का इस माह में असर होता है लेकिन चक्रवाती तूफान ने मौसम के मिजाज को बदल दिया और मौसम का मिजाज आषाढ़ और सावन जैसे बना दिया है। हालांकि क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद नहीं प्रभावित होने से किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। उधर पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते और फिर कोरोना कर्फ्यू के कारण सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका। इससे बारिश होने पर और परेशानी बढ़ गई है।
दुद्धी: मौसम के बदलते तेवर से किसान चिंतित और परेशान हैं। किसान रामफल, धर्मप्रकाश, बचाऊ का कहना है कि इस मौसम में खेत को तपना चाहिए। बारिश होने से आषाढ़ और सावन जैसा हो गया है। किसानों का कहना है कि ऐसे में खेती प्रभावित हो सकती है।
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केकराही: क्षेत्र में जगह-जगह संपर्क मार्गों में जल जमाव हो जाने से पैदल और दो पहिया वाहनों के लिए परेशानी बढ़ गई। ऐलाही, घेवरी संपर्क मार्ग, असना मचलवा मार्ग, इमामबाड़े, खैराही संपर्क मार्ग, केकराही-परसौना सम्पर्क मार्ग जो सड़के मरम्मत के अभाव में गड्ढा युक्त हो चुकी है। जगह-जगह जल जमाव होने से छोटे बड़े वाहनों से लेकर पैदल चलना मुश्किल होने लगा है। इस संबंध में कैलास प्रसाद वर्मा, चंद्रबली विश्वकर्मा, चंद्रहास, बिजेंद्र सिंह यादव, अर्जुन यादव, राम अवध सिंह, मुरारीलाल, छेदी शाह, मिनहाज अहमद, बसावन राम आदि मांग की है।
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जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज के साथ ही ग्रामीण इलाकों में चौतरफा बृहस्पतिवार की रात में तेज बारिश हुई। शुक्रवार की भोर से रिमझिम बारिश होती रही। जेठ के महीने में तेज धूप और लू का इस माह में असर होता है लेकिन चक्रवाती तूफान ने मौसम के मिजाज को बदल दिया और मौसम का मिजाज आषाढ़ और सावन जैसे बना दिया है। हालांकि क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद नहीं प्रभावित होने से किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। उधर पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चलते और फिर कोरोना कर्फ्यू के कारण सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका। इससे बारिश होने पर और परेशानी बढ़ गई है।
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दुद्धी: मौसम के बदलते तेवर से किसान चिंतित और परेशान हैं। किसान रामफल, धर्मप्रकाश, बचाऊ का कहना है कि इस मौसम में खेत को तपना चाहिए। बारिश होने से आषाढ़ और सावन जैसा हो गया है। किसानों का कहना है कि ऐसे में खेती प्रभावित हो सकती है।
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केकराही: क्षेत्र में जगह-जगह संपर्क मार्गों में जल जमाव हो जाने से पैदल और दो पहिया वाहनों के लिए परेशानी बढ़ गई। ऐलाही, घेवरी संपर्क मार्ग, असना मचलवा मार्ग, इमामबाड़े, खैराही संपर्क मार्ग, केकराही-परसौना सम्पर्क मार्ग जो सड़के मरम्मत के अभाव में गड्ढा युक्त हो चुकी है। जगह-जगह जल जमाव होने से छोटे बड़े वाहनों से लेकर पैदल चलना मुश्किल होने लगा है। इस संबंध में कैलास प्रसाद वर्मा, चंद्रबली विश्वकर्मा, चंद्रहास, बिजेंद्र सिंह यादव, अर्जुन यादव, राम अवध सिंह, मुरारीलाल, छेदी शाह, मिनहाज अहमद, बसावन राम आदि मांग की है।