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बिजली के लिए भूख हड़ताल
ब्यूरो, सोनभद्र, अमर उजाला
Updated Mon, 15 Dec 2014 11:11 PM IST
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बिल्ली-मारकुंडी ग्रामसभा के खैरटिया टोला के ग्रामीणों ने जनसमस्या को लेकर ओम चौराहा के पास सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन भूख हड़ताल पर अमरेश यादव, आकाश केशरी, प्रमोद गोंड़, महेंद्र गोंड़ एवं करन यादव बैठे।
ग्रामीणों ने कहा कि खैरटिया टोला सहित कई क्षेत्रों में सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक और शाम छह से रात्रि 11 बजे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। जबकि बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। सिंचाई के लिए निर्मित नहर के बावजूद नहर में पानी नहीं छोड़ा गया।
वहीं, कागजों पर नहर को चालू दिखाया जा रहा है। इससे किसानों की फसलें सूख रही है। वह भी तब जिले को सूखा घोषित किया जा चुका है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की भी समस्या बनी हुई है। इन समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों सहित जिलाधिकारी को कई बार पत्र के माध्यम से सूचित किया गया। इसके बावजूद समस्या जस की तस है।
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समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन लोगों को कड़ाके की ठंड में भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरने में बलिराम केशरी, शिवदत्त दूबे, मुकेश वर्मा, बलराम सिंह, रामनरेश गोंड़, गोपाल गोंड़, विजय बहादुर आदि शामिल हुुए।
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ग्रामीणों ने कहा कि खैरटिया टोला सहित कई क्षेत्रों में सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक और शाम छह से रात्रि 11 बजे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। जबकि बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। सिंचाई के लिए निर्मित नहर के बावजूद नहर में पानी नहीं छोड़ा गया।
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वहीं, कागजों पर नहर को चालू दिखाया जा रहा है। इससे किसानों की फसलें सूख रही है। वह भी तब जिले को सूखा घोषित किया जा चुका है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की भी समस्या बनी हुई है। इन समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों सहित जिलाधिकारी को कई बार पत्र के माध्यम से सूचित किया गया। इसके बावजूद समस्या जस की तस है।
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समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन लोगों को कड़ाके की ठंड में भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरने में बलिराम केशरी, शिवदत्त दूबे, मुकेश वर्मा, बलराम सिंह, रामनरेश गोंड़, गोपाल गोंड़, विजय बहादुर आदि शामिल हुुए।