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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   The fossil with the help of which America is earning crores of rupees is not even valued in India.

Sonbhadra : जिस जीवाश्म के सहारे अमेरिका कमा रहा है करोड़ों रुपये...भारत में उसकी कद्र तक नहीं

Mon, 08 Jul 2024 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा मनीष जायसवाल, सोनभद्र
मनीष जायसवाल, सोनभद्र Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 08 Jul 2024 05:34 AM IST
सार

भारत में उपेक्षित फॉसिल्स विदेशों में शोहरत और कमाई का जरिया हैं। अमेरिका के यलो स्टोन पार्क में ऐसे ही जीवाश्म देखने के लिए भीड़ उमड़ती है।

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The fossil with the help of which America is earning crores of rupees is not even valued in India.
सोनभद्र में मिले 140 करोड़ साल से भी पुराने जीवाश्म - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सलखन के अनूठे और अद्वितीय फॉसिल्स (जीवाश्म) को विश्व धरोहर घोषित होने का इंतजार है। दुनिया के सबसे पुराने इस फॉसिल्स को धरती पर जीवन की उत्पत्ति और उसके विकास का साक्ष्य माना जाता है। वर्ष 2002 में इसे अमूल्य धरोहर घोषित करते हुए संरक्षित किया गया था, मगर 23 साल बाद भी इसकी बेहतरी के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए गए। 

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यहां गाहे-बगाहे पर्यटक आते हैं तो उन्हें मन मसोस कर लौटना पड़ता है। भारत में उपेक्षित फॉसिल्स विदेशों में शोहरत और कमाई का जरिया हैं। अमेरिका के यलो स्टोन पार्क में ऐसे ही जीवाश्म देखने के लिए भीड़ उमड़ती है। सोनभद्र के फॉसिल्स अमेरिका के फॉसिल्स से 40 करोड़ साल पुराने हैं। सोनभद्र जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर सलखन में करीब 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मौजूद फॉसिल्स की उम्र 140 करोड़ साल से भी अधिक बताई जाती है। 
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वर्ष 1933 में जियोलाॅजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने इसकी खोज की थी। वर्ष 2002 में यह पार्क पहली बार चर्चा में तब आया, जब दुनिया भर से 42 वैज्ञानिक इस फॉसिल्स को देखने पहुंचे थे। इनमें कनाडा के प्रख्यात भू वैज्ञानिक एफ हाफमैन भी शामिल थे।
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सबसे पुराने जीवाश्म
सलखन के फॉसिल्स को भू वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत का प्रमाण माना है। यह स्ट्रोमेटोलाइट्स साइनो बैक्टीरिया से बनाई गई जैव मान्यता प्राप्त संरचनाएं हैं। जीवाश्म शिलाखंडों पर संकेंद्रित वलय के रूप में अच्छे से विकसित हैं। यह पृथ्वी पर सबसे पुराने जीवाश्म हैं। साइनो बैक्टीरिया यानी नीले हरे शैवाल को प्रकाश संश्लेषण के लिए जिम्मेदार माना जाता है। 

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