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थमा चुनावी शोर, अब बूथ संभालने पर जोर
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विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम चरण में सात मार्च को होने वाले मतदान के लिए शनिवार की शाम चुनावी शोर थम गया। शाम छह बजते ही रैली, सभा और जुलूस पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। जिले से लगती पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर भी बैरियर लगा दिया गया है। मतदान आरंभ होने से 12 घंटे पहले इन सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। अंतिम समय में वोटरों में शराब, पैसा, उपहार बांटने की आशंकाओं के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन की टीमें अलर्ट हो गई हैं। गांव-गांव में निगरानी रखी जा रही है। उधर, चुनाव प्रचार थमने के बाद राजनीतिक दलों के लोग भी अब बूथों की व्यवस्था संभालने में जुट गए हैं।
सात मार्च को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा। आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी गई। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही प्रचार वाहन गांव-गांव घूम रहे थे। जनसंपर्क, रैली, सभाओं के माध्यम से प्रत्याशी जनता का समर्थन मांगने में जुटे थे। स्टार प्रचारक भी माहौल बनाने के लिए पहुंच रहे थे। शनिवार को भी दिन में सभी प्रत्याशी शक्ति प्रदर्शन में लगे रहे। किसी ने बाइक रैली निकाली तो किसी ने साइकिल पर सवार होकर क्षेत्र का भ्रमण किया। पैदल जुलूस के माध्यम से जनता के बीच जाकर वोट की अपील की। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। हर किसी ने मतदाताओं को यह अहसास कराने की कोशिश की कि उनकी टक्कर में कोई दूसरा नहीं है। लिहाजा मतदाता भ्रमित न रहें और जीत के साथ सहभागी बनें। शक्ति प्रदर्शन के लिए निकली रैलियों के कारण पूरे दिन जिला मुख्यालय की सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। दिन भर प्रचार के बाद शाम होते ही प्रचार वाहनों के पहिये थम गए। प्रत्याशी भी एक वाहन से लोगों के बीच जाकर अपनी बात कहते रहे। कई स्थानों पर समर्थकों के साथ बैठक कर अगले 48 घंटे के निर्णायक दौर के लिए रणनीति बनाने में जुटे रहे। बूथ कमेटियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए उनके बस्ते समय से पहुंचाने की कोशिश होती रही।
पुलिस की खुफिया इकाई सक्रिय
अगले 48 घंटे को सभी प्रत्याशी बेहद अहम मान रहे हैं। इस दौरान वोटरों को अपने पाले में करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाने की आशंका के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट है। खुफिया टीम को सक्रिय कर दिया गया है। उन्हें हिदायत दी गई कि गांवों में लगातार चक्रमण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई प्रत्याशी या दल आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मतदाताओं को डराने-धमकाने और खरीदने की कोशिश न करे।
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सात मार्च को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा। आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी गई। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही प्रचार वाहन गांव-गांव घूम रहे थे। जनसंपर्क, रैली, सभाओं के माध्यम से प्रत्याशी जनता का समर्थन मांगने में जुटे थे। स्टार प्रचारक भी माहौल बनाने के लिए पहुंच रहे थे। शनिवार को भी दिन में सभी प्रत्याशी शक्ति प्रदर्शन में लगे रहे। किसी ने बाइक रैली निकाली तो किसी ने साइकिल पर सवार होकर क्षेत्र का भ्रमण किया। पैदल जुलूस के माध्यम से जनता के बीच जाकर वोट की अपील की। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। हर किसी ने मतदाताओं को यह अहसास कराने की कोशिश की कि उनकी टक्कर में कोई दूसरा नहीं है। लिहाजा मतदाता भ्रमित न रहें और जीत के साथ सहभागी बनें। शक्ति प्रदर्शन के लिए निकली रैलियों के कारण पूरे दिन जिला मुख्यालय की सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। दिन भर प्रचार के बाद शाम होते ही प्रचार वाहनों के पहिये थम गए। प्रत्याशी भी एक वाहन से लोगों के बीच जाकर अपनी बात कहते रहे। कई स्थानों पर समर्थकों के साथ बैठक कर अगले 48 घंटे के निर्णायक दौर के लिए रणनीति बनाने में जुटे रहे। बूथ कमेटियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए उनके बस्ते समय से पहुंचाने की कोशिश होती रही।
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पुलिस की खुफिया इकाई सक्रिय
अगले 48 घंटे को सभी प्रत्याशी बेहद अहम मान रहे हैं। इस दौरान वोटरों को अपने पाले में करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाने की आशंका के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट है। खुफिया टीम को सक्रिय कर दिया गया है। उन्हें हिदायत दी गई कि गांवों में लगातार चक्रमण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई प्रत्याशी या दल आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए मतदाताओं को डराने-धमकाने और खरीदने की कोशिश न करे।
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