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Sonebhadra News: डॉक्टर ने कहा-सब कुछ ठीक ...और युवक की हो गई मौत, हंगामा
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घोरावल क्षेत्र के मृतक- सुनील गुप्ता( फाइल फोटो)स्रोत परिजन
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सोनभद्र/घोरावल। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवा गांव में रविवार की देर शाम सड़क हादसे में घायल सुनील गुप्ता (28) की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि घायल युवक को उपचार के नाम पर देर तक रोके रखा गया। सिर में गहरी चोट, लगातार रक्तस्राव के बाद भी उसे रेफर करने में हीलाहवाली की जाती रही। डॉक्टर कहते रहे कि सब ठीक है। इसके चलते लगभग चार घंटे बाद युवक की मौत हो गई। परिजनों के हंगामे पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया। सोमवार की सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
दीवा निवासी सुनील गुप्ता (28) रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे खेत पर खाद छींटने गए थे। वह खेत के किनारे सड़क पर खड़े थे। इसी दौरान गुरेठ गांव की तरफ से आई बाइक ने टक्कर मार दी। चाचा पकौड़ी के मुताबिक, सूचना पर वह पहुंचे तो जिसकी बाइक से हादसा हुआ था उसने पास के अस्पताल में चलने की सलाह दी। वहां पहुंचने पर डॉक्टर से बार-बार पूछा जाता रहा कि अगर हालत खराब हो तो घायल को दूसरी जगह ले जाएं लेकिन हर बार स्थिति ठीक होने का भरोसा दिया जाता। हर 15 से 20 मिनट बाद सिर से रक्तस्राव देखते हुए चिंता जताई जाती रही लेकिन सब कुछ ठीक होने का भरोसा दिया जाता रहा। लगभग चार घंटे बाद सुनील की मौत हो गई। जब उन लोगों ने आपत्ति जताई तो अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस बुला ली। पिता रामसूरत के मुताबिक सुनील घर के कमाऊ पूत थे। खेती-बारी कर पूरे परिवार का खर्च चलाते थे। उनकी तीन और पांच वर्ष की पुत्रियों के पालन-पोषण की बनी है। प्राइवेट चिकित्सालयों के नोडल डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घोरावल कोतवाली के प्रभारी शमशेर यादव ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर शव कब्जे में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
प्राथमिक जांच में जानकारी दी गई है कि युवक के सिर में गहरी चोट थी। अस्पताल के लोगों ने दूसरी जगह ले जाने की सलाह भी दी थी लेकिन परिवारीजनों की तरफ से ही देर की गई जिससे उसकी मौत हो गई। फिर भी सही तथ्य क्या है, इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. पीके राय, सीएमओ सोनभद्र।
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दीवा निवासी सुनील गुप्ता (28) रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे खेत पर खाद छींटने गए थे। वह खेत के किनारे सड़क पर खड़े थे। इसी दौरान गुरेठ गांव की तरफ से आई बाइक ने टक्कर मार दी। चाचा पकौड़ी के मुताबिक, सूचना पर वह पहुंचे तो जिसकी बाइक से हादसा हुआ था उसने पास के अस्पताल में चलने की सलाह दी। वहां पहुंचने पर डॉक्टर से बार-बार पूछा जाता रहा कि अगर हालत खराब हो तो घायल को दूसरी जगह ले जाएं लेकिन हर बार स्थिति ठीक होने का भरोसा दिया जाता। हर 15 से 20 मिनट बाद सिर से रक्तस्राव देखते हुए चिंता जताई जाती रही लेकिन सब कुछ ठीक होने का भरोसा दिया जाता रहा। लगभग चार घंटे बाद सुनील की मौत हो गई। जब उन लोगों ने आपत्ति जताई तो अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस बुला ली। पिता रामसूरत के मुताबिक सुनील घर के कमाऊ पूत थे। खेती-बारी कर पूरे परिवार का खर्च चलाते थे। उनकी तीन और पांच वर्ष की पुत्रियों के पालन-पोषण की बनी है। प्राइवेट चिकित्सालयों के नोडल डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घोरावल कोतवाली के प्रभारी शमशेर यादव ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर शव कब्जे में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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प्राथमिक जांच में जानकारी दी गई है कि युवक के सिर में गहरी चोट थी। अस्पताल के लोगों ने दूसरी जगह ले जाने की सलाह भी दी थी लेकिन परिवारीजनों की तरफ से ही देर की गई जिससे उसकी मौत हो गई। फिर भी सही तथ्य क्या है, इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. पीके राय, सीएमओ सोनभद्र।
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