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Sonebhadra News: बारिश से 1569 मेगावाट बिजली की मांग घटी
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अनपरा। पिछले दो दिनों से प्रदेश में रही जोरदार बारिश के कारण बिजली की मांग में डेढ़ हजार मेगावाट की गिरावट आई है। इस कारण रविवार को निगम सहित निजी क्षेत्र की इकाइयों से थर्मल बैकिंग कराई गई।
शुक्रवार को देर रात पीक ऑवर में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 29037 मेगावाट दर्ज की गई थी। बारिश के कारण तापमान भी गिर गया। मौसम ठंडा होने के कारण प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 1569 मेगावाट कम हो गई। रविवार को भी दिन में बिजली की मांग आधी रही। इस कारण निगम सहित निजी क्षेत्र की इकाइयों से थर्मल बैकिंग कराई गई।
2630 मेगावाट की अनपरा परियोजना से 1189 मेगावाट, ओबरा बी से 508 मेगावाट एवं सी परियोजना से 320 मेगावाट एवं निजी क्षेत्र की एमईआईएल समूह की 1200 मेगावाट की अनपरा एनर्जी लिमिटेड की दोनों इकाइयों से 573 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई गई। देर शाम सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 18058 मेगावाट दर्ज की गई।
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इस बीच रिहंद जलाशय का जलस्तर 868.1 फीट होने के कारण जलविद्युत ईकाईयों से पूर्ण क्षमताो लगातार उत्पादन कराया जा रहा है। रिहंद की जलविद्युत इकाइयों से 285 मेगावाट और ओबरा की जलविद्युत इकाइयों से 88 मेगावाट का उत्पादन किया गया।
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शुक्रवार को देर रात पीक ऑवर में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 29037 मेगावाट दर्ज की गई थी। बारिश के कारण तापमान भी गिर गया। मौसम ठंडा होने के कारण प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 1569 मेगावाट कम हो गई। रविवार को भी दिन में बिजली की मांग आधी रही। इस कारण निगम सहित निजी क्षेत्र की इकाइयों से थर्मल बैकिंग कराई गई।
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2630 मेगावाट की अनपरा परियोजना से 1189 मेगावाट, ओबरा बी से 508 मेगावाट एवं सी परियोजना से 320 मेगावाट एवं निजी क्षेत्र की एमईआईएल समूह की 1200 मेगावाट की अनपरा एनर्जी लिमिटेड की दोनों इकाइयों से 573 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई गई। देर शाम सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 18058 मेगावाट दर्ज की गई।
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इस बीच रिहंद जलाशय का जलस्तर 868.1 फीट होने के कारण जलविद्युत ईकाईयों से पूर्ण क्षमताो लगातार उत्पादन कराया जा रहा है। रिहंद की जलविद्युत इकाइयों से 285 मेगावाट और ओबरा की जलविद्युत इकाइयों से 88 मेगावाट का उत्पादन किया गया।