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प्रशासनिक कमेटी करेगी खड़िया हादसे की जांच
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
Updated Fri, 15 May 2015 10:42 PM IST
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खड़िया कोयला परियोजना में दो दिन पूर्व ओवरवर्डेन (ओबी) धसकने के कारणों को लेकर जहां अभी भी खान सुरक्षा विभाग किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है। वही डीएम संजय कुमार की ओर से भी इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच टीम में एसडीएम दुद्धी गिरिजाशंकर सिंह और खान अधिकारी आरपी सिंह को शामिल किया गया है।
बताते चलें कि गत 13 मई की अलसुबह चार बजे खड़िया परियोजना के खदान में ओबी और कोयले का मलबा अचानक से धसक गया था। इसके चलते करोड़ों की मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं थी। संयोग ही था कि रात्रि में ड्यूटी करने वाले कर्मी घंटे भर पहले वहां से निकल चुके थे और इसके बाद वाली पाली में ड्यूटी करने वाली कर्मी कुछ देर बाद पहुंचने वाले थे। इसके चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन प्रकरण को गंभीर मानते हुए उप खान सुरक्षा निदेशक वाराणसी एम मुरावत की अगुवाई वाली टीम ने गुरुवार को खड़िया पहुंच गई।
घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही परियोजना अधिकारियों के साथ बैठक कर मंत्रणा की लेकिन हादसे के कारणों को लेकर उहापोह की स्थिति बरकरार रही। एम मुरावत का कहना था कि अभी जांच जारी है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक घटना घटने का कारण क्या है? इसके बारे में कुछ भी कहना मुनासिब नहीं होगा। उधर, डीएम संजय कुमार ने भी कारण स्पष्ट न होने को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है।
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बताया कि एनसीएल खड़िया परियोजना के कोल यार्ड क्षेत्र में ओबी धसकने से कई कीमती मशीनें क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। चूंकि हादसे के चलते कितना नुकसान हुआ और घटना किन वजहों से घटी, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया जा सकता है। इसको देखते हुए जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की अध्यक्षता एसडीएम दुद्धी करेंगे। सदस्य के रूप में खान अधिकारी शामिल रहेंगी। कमेटी को एक सप्ताह के अंदर हर पहलू से जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया गया है।
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बताते चलें कि गत 13 मई की अलसुबह चार बजे खड़िया परियोजना के खदान में ओबी और कोयले का मलबा अचानक से धसक गया था। इसके चलते करोड़ों की मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं थी। संयोग ही था कि रात्रि में ड्यूटी करने वाले कर्मी घंटे भर पहले वहां से निकल चुके थे और इसके बाद वाली पाली में ड्यूटी करने वाली कर्मी कुछ देर बाद पहुंचने वाले थे। इसके चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन प्रकरण को गंभीर मानते हुए उप खान सुरक्षा निदेशक वाराणसी एम मुरावत की अगुवाई वाली टीम ने गुरुवार को खड़िया पहुंच गई।
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घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही परियोजना अधिकारियों के साथ बैठक कर मंत्रणा की लेकिन हादसे के कारणों को लेकर उहापोह की स्थिति बरकरार रही। एम मुरावत का कहना था कि अभी जांच जारी है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक घटना घटने का कारण क्या है? इसके बारे में कुछ भी कहना मुनासिब नहीं होगा। उधर, डीएम संजय कुमार ने भी कारण स्पष्ट न होने को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है।
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बताया कि एनसीएल खड़िया परियोजना के कोल यार्ड क्षेत्र में ओबी धसकने से कई कीमती मशीनें क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। चूंकि हादसे के चलते कितना नुकसान हुआ और घटना किन वजहों से घटी, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया जा सकता है। इसको देखते हुए जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी की अध्यक्षता एसडीएम दुद्धी करेंगे। सदस्य के रूप में खान अधिकारी शामिल रहेंगी। कमेटी को एक सप्ताह के अंदर हर पहलू से जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया गया है।