फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   The accused of raping and killing girl got the death penalty in sonbhadra also imposed a fine of two lakh rupees

सोनभद्रः बालिका से दुष्कर्म और हत्या के मामले आरोपी को फांसी की सजा, दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया, पीड़ित परिवार को मिलेगा प्रतिकर

Wed, 24 Nov 2021 07:26 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 24 Nov 2021 07:26 PM IST
सार

सोनभद्र के एक गांव में बालिका से दुष्कर्म के बाद उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान दोषी को फांसी की सजा सुनाई ।

विज्ञापन
The accused of raping and killing girl got the death penalty in sonbhadra also imposed a fine of two lakh rupees
कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

विस्तार

साढ़े आठ वर्ष पहले अनुसूचित जाति की सात वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। सोनभद्र में  विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव ने बुधवार को सुनवाई के दौरान दोषी पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

विज्ञापन


अर्थदंड में से पीड़ित परिवार को प्रतिकर दिलाने की कोर्ट ने संस्तुति की है। अभियोजन के मुताबिक विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित वर्ग के व्यक्ति ने 10 जनवरी 2013 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी सात वर्षीय बेटी सुबह घर से खेलने निकली थी।
विज्ञापन


देर तक वाह घर नहीं लौटी। उसकी खोजबीन में पता चला कि विंढमगंज के हरपुरा गांव निवासी शहजाद को उसकी बेटी से बातचीत करते देखा गया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे बेटी की नग्न लाश अरहर के खेत में मिली। शव देखने से लग रहा था कि दुष्कर्म के बाद उसकी गला दबाकर हत्या की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना

तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, हत्या के साथ ही पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया। विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की गई। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली के अवलोकन के बाद दोषसिद्ध पाकर शहजाद को फांसी की सजा सुनाई।

इसके साथ ही अदालत ने उस पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन की ओर से इस मामले में शासकीय अधिवक्ता दिनेश अग्रहरि एवं सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।

सोनभद्र में सुनाई गई फांसी की तीसरी सजा

मिर्जापुर से अलग होकर 4 मार्च 1989 को बने सोनभद्र जिले में बुधवार को फांसी की तीसरी सजा सुनाई गई। सबसे पहले एडीजे एफटीसी रहे एके द्विवेदी ने फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।

उसके बाद दूसरी सजा वर्तमान में एडीजे द्वितीय सोनभद्र राहुल मिश्रा ने सुनाई थी। बुधवार को एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने तीसरी फांसी की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed