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Sonebhadra News: खलिहान में रखे दस बीघे धान के बोझ जले
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कोन। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रोरवा में शुक्रवार को धान की थ्रेसिंग करते समय निकली चिंगारी से खलिहान में आग लग गई। इससे दस बीघे की धान के बोझ जल गए। काफी मशक्कत से आग पर काबू पाया गया।
रोरवा निवासी किसान संपूर्णानंद गुप्ता व प्रतीक गुप्ता का परिवार खेती पर निर्भर है। दस बीघे धान की फसल तैयार होने पर उसे कटवा कर खलिहान में रखा गया था। शुक्रवार को दोपहर बाद थ्रेसिंग शुरू हुई। इससे निकली चिंगारी से पास में रखे धान के बोझ में आग लग गई। धुआं देखते ही ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास किया गया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते खलिहान में रखा लगभग दस बीघे का धान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने किसान को मुआवजा दिलाने और कोन में फायर ब्रिगेड के वाहन का ठहराव कराने की मांग की है।
दो घंटे बाद पहुंचा फायर ब्रिगेड का वाहन
कोन से काफी दूरी चोपन में फायर ब्रिगेड का वाहन होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में दो घंटे लग गए। लंबी दूरी के साथ ही सड़क की बदहाली भी देरी का कारण रही। फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसानों का मानना है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी यहीं कोन में होती तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
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रोरवा निवासी किसान संपूर्णानंद गुप्ता व प्रतीक गुप्ता का परिवार खेती पर निर्भर है। दस बीघे धान की फसल तैयार होने पर उसे कटवा कर खलिहान में रखा गया था। शुक्रवार को दोपहर बाद थ्रेसिंग शुरू हुई। इससे निकली चिंगारी से पास में रखे धान के बोझ में आग लग गई। धुआं देखते ही ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास किया गया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते खलिहान में रखा लगभग दस बीघे का धान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने किसान को मुआवजा दिलाने और कोन में फायर ब्रिगेड के वाहन का ठहराव कराने की मांग की है।
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दो घंटे बाद पहुंचा फायर ब्रिगेड का वाहन
कोन से काफी दूरी चोपन में फायर ब्रिगेड का वाहन होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में दो घंटे लग गए। लंबी दूरी के साथ ही सड़क की बदहाली भी देरी का कारण रही। फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसानों का मानना है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी यहीं कोन में होती तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
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