बीजपुर। अजीर नदी पर बना अस्थाई डायवर्जन पुल बृहस्पतिवार की रात हुई तेज बारिश के चलते बह गया। इससे रेणुकूट-बीजपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। जरहा मोड़ पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे श्रमिकों, स्कूल जाने वाले बच्चों और अन्य जरूरी कार्य से जा रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आनन-फानन पूजन अर्चन कर नवनिर्मित पुल पर से आवागमन शुरू कराया गया।
अजीर नदी पर बना पुराना पुल जर्जर हो चुका था, जिसे तोड़कर नया पुल निर्माणाधीन है। इसी के मद्देनज़र करीब छह माह पहले मिट्टी से एक अस्थायी डायवर्जन पुल तैयार किया गया था, ताकि आवागमन जारी रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण में कार्यदायी संस्था की ओर लापरवाही बरती गई। केवल मिट्टी और पानी निकासी के लिए छोटे बांसों का प्रयोग कर पुल बना दिया गया था। पहली ही तेज बारिश में यह डायवर्जन पुल बह गया। ग्रामीण रामसंजीवन, राकेश, मनोज, दिनेश, बृजलाल और जसकुमार ने बताया कि डायवर्जन पुल में न तो सोलिंग की गई और न ही बड़े बांसों या पाइप से जल निकासी की उचित व्यवस्था की गई। नतीजा तेज बारिश से पुल बह गया। शुक्रवार सुबह जब जाम की स्थिति गंभीर होने लगी तो संविदाकार संस्था ने आनन-फानन नवनिर्मित पुल पर पूजा-पाठ कराया। इसके बाद पूर्व प्रधान श्याम सुंदर जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर भारी वाहनों का आवागमन शुरू कराया। वैसे अभी ढलाई के बाद सेटिंग होने का समय बाकी है। पुल के आनन फानन में शुरू करने से क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।