कोरोना काल के दौरान अस्पतालों में सेवा देने के लिए तैनात किए गए कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति के विरोध में सीएमओ कार्यालय पर मंगलवार को प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर महामारी के दौरान सेवा कार्य को याद करते हुए उन्हें समायोजित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महामारी के समय जब लोगों को कोविड लहर में जान का खतरा मंडरा रहा था। उस दौरान हम सबने जान जोखिम में रखकर लोगों की सेवा की। जब लोग घरों में बैठे थे, तब भी हम लो न्यूनतम मानदेय पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवा दे रहे थे। उनकी सेवा का सम्मान देने की बजाय उन्हें हटाया जा रहा है। कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार 30 अप्रैल तक कार्यरत रहने का आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी के पास आ गया था। बावजूद सभी कोविड स्वास्थ्य कर्मियों को बिना किसी आधार के ही चार अप्रैल को ही सेवा से हटा दिया गया। कई कर्मियों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। वहीं कई स्वास्थ्य कर्मी ऐसे भी हैं, जिनकी उम्र सीमा अधिक होने के कारण उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचा है। प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंप कर सेवा विस्तार की मांग की। इस मौके पर विकाश गोस्वामी, संदीप, पल्लव, चरनजीत, मनिषा रानी, शीला पाल, मो. फरमान, आरती रावत, वृंदा पाल, क्षमा त्रिपाठी, प्रेमशिला आदि उपस्थित रहे।