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ढोल नगाड़े, लिब्बे, थालियां पीटकर रोकें टिडिड्यों का आक्रमण
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सोनभद्र। उप कृषि निदेेशक डीके गुप्ता ने कहा है कि टिड्डियों का फसलों पर आक्रमण रोकने के लिए किसान ढोल नगाड़े, टिन के डिब्बे और थालियां पीटें। यदि कहीं टिड्डियों का आक्रमण होता है तो उसकी सूचना कंट्रोल रूप पर दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि यूपी के पश्चिमी सीमावर्ती राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा से होकर टिड्डी दलों का आक्रमण यूपी में शुरू हो गया है।
इसको देखते हुए यूपी सरकार ने पूर्व में एडवाइजरी जारी की था। इसके बाद जिले में कृषि विभाग ने तैयारी करते हुए ब्लाक, न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को इनसे निपटने की तकनीकी जानकारी देते हुए निर्देशित किया गया कि इसका कृषकों के मध्य में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार व्हाट्सएअप, दूरभाष के जरिए किया जाए। बताया जाए कि टिड्डी दल के आक्रमण करने पर एक साथ इकट्ठा होकर ढोल नगाड़े, टीन के डब्बों, थालियां आदि बजाते हुए शोर मचाएं ताकि टिड्डी दल आस-पास के खेतों पर आक्रमण न कर पाएं।
उप निदेशक ने बताया कि पिछले दिनों घोरावल ब्लॉक के ग्राम बिमौरी में टिड्डी दल का आक्रमण हुआ था। इसकी सूचना प्राप्त होते ही कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने टिड्डों को मारने, भगाने के लिए कृषि रक्षा रसायनों का छिड़काव कराकर स्थिति को नियंत्रित किया था। किसानों को अभी भी सचेत रहने की आवश्यकता है। क्योकिं इसके प्रकोप की संभावना बनी हुई है। यदि जिले में कहीं भी टिड्डी दल का आक्रमण होता है तो बताए गए सुझावों को अपनाते हुए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम अथवा जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सोनभद्र के मोबाइल नंबर 6394944133 पर भी सूचित करें।
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इसको देखते हुए यूपी सरकार ने पूर्व में एडवाइजरी जारी की था। इसके बाद जिले में कृषि विभाग ने तैयारी करते हुए ब्लाक, न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को इनसे निपटने की तकनीकी जानकारी देते हुए निर्देशित किया गया कि इसका कृषकों के मध्य में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार व्हाट्सएअप, दूरभाष के जरिए किया जाए। बताया जाए कि टिड्डी दल के आक्रमण करने पर एक साथ इकट्ठा होकर ढोल नगाड़े, टीन के डब्बों, थालियां आदि बजाते हुए शोर मचाएं ताकि टिड्डी दल आस-पास के खेतों पर आक्रमण न कर पाएं।
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उप निदेशक ने बताया कि पिछले दिनों घोरावल ब्लॉक के ग्राम बिमौरी में टिड्डी दल का आक्रमण हुआ था। इसकी सूचना प्राप्त होते ही कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने टिड्डों को मारने, भगाने के लिए कृषि रक्षा रसायनों का छिड़काव कराकर स्थिति को नियंत्रित किया था। किसानों को अभी भी सचेत रहने की आवश्यकता है। क्योकिं इसके प्रकोप की संभावना बनी हुई है। यदि जिले में कहीं भी टिड्डी दल का आक्रमण होता है तो बताए गए सुझावों को अपनाते हुए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम अथवा जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सोनभद्र के मोबाइल नंबर 6394944133 पर भी सूचित करें।
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