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नजूल की जमीन का किया जा रहा सर्वे
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सोनभद्र। दो साल पहले गायब हुए खसरा-खतौनी रजिस्टर के मामले में जहां जिम्मेदार अब भी चुप्पी साधे हैं। वहीं, उभ्भाकांड के बाद शासन से आए निर्देश पर नगर पालिका राबर्ट्सगंज क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटकर नजूल की जमीन की खोजबीन तेज कर दी गई है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित चार टीमों में कानूनगो के अलावा एक-एक लेखपाल, सहायक के साथ ही नगर पालिका के कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। इस बीच सर्वे शुरू होने पर नजूल की जमीन पर कब्जा जमाए लोगों की चिंता बढ़ गई है। कब्जा जमाए लोगों ने सर्वे में लगाए गए कर्मियों से संपर्क साधकर नजूल की जमीन पर कब्जा बरकरार रखने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
2018 में नगर पालिका राबर्ट्सगंज क्षेत्र की खसरा-खतौनी के रजिस्टर गायब हो गए थे। इस मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इन दो वर्षों के दौरान न तो जांच समिति की रिपोर्ट ही सामने आ सकी है और न ही प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ही अपनी रिपोर्ट सामने ला पाई है। उधर, नजूल की जमीन खोजने के लिए सर्वे शुरू होने पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि अनधिकृत तरीके से कब्जा जमाने वाले भू माफिया, सफेदपोश व दबंग लोगों ने पालिका व राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से खसरा-खतौनी रजिस्टर गायब करा दिया था। ताकि नजूल की जमीन पर कब्जे की बात सामने ही न आ सके। यह चर्चा भी जोरों पर है कि इनके दबाव के चलते ही इस मामले की जांच भी दबा दी गई। अब तक पता नहीं चला कि रजिस्टर किसने गायब कराया था। अब शासन के निर्देश पर प्रशासन ने उभ्भाकांड के बाद नजूल की जमीन की खोज के लिए सर्वे शुरू करा दिया है।
एसडीएम सदर यमुनाधर चौहान का कहना है कि पालिका क्षेत्र में नजूल की जमीन के सर्वे के लिए पूरे क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया गया है। सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सर्वे कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
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सोनभद्र। दो साल पहले गायब हुए खसरा-खतौनी रजिस्टर के मामले में जहां जिम्मेदार अब भी चुप्पी साधे हैं। वहीं, उभ्भाकांड के बाद शासन से आए निर्देश पर नगर पालिका राबर्ट्सगंज क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटकर नजूल की जमीन की खोजबीन तेज कर दी गई है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित चार टीमों में कानूनगो के अलावा एक-एक लेखपाल, सहायक के साथ ही नगर पालिका के कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। इस बीच सर्वे शुरू होने पर नजूल की जमीन पर कब्जा जमाए लोगों की चिंता बढ़ गई है। कब्जा जमाए लोगों ने सर्वे में लगाए गए कर्मियों से संपर्क साधकर नजूल की जमीन पर कब्जा बरकरार रखने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
2018 में नगर पालिका राबर्ट्सगंज क्षेत्र की खसरा-खतौनी के रजिस्टर गायब हो गए थे। इस मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इन दो वर्षों के दौरान न तो जांच समिति की रिपोर्ट ही सामने आ सकी है और न ही प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ही अपनी रिपोर्ट सामने ला पाई है। उधर, नजूल की जमीन खोजने के लिए सर्वे शुरू होने पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि अनधिकृत तरीके से कब्जा जमाने वाले भू माफिया, सफेदपोश व दबंग लोगों ने पालिका व राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से खसरा-खतौनी रजिस्टर गायब करा दिया था। ताकि नजूल की जमीन पर कब्जे की बात सामने ही न आ सके। यह चर्चा भी जोरों पर है कि इनके दबाव के चलते ही इस मामले की जांच भी दबा दी गई। अब तक पता नहीं चला कि रजिस्टर किसने गायब कराया था। अब शासन के निर्देश पर प्रशासन ने उभ्भाकांड के बाद नजूल की जमीन की खोज के लिए सर्वे शुरू करा दिया है।
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एसडीएम सदर यमुनाधर चौहान का कहना है कि पालिका क्षेत्र में नजूल की जमीन के सर्वे के लिए पूरे क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में चार टीमों का गठन किया गया है। सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सर्वे कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
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