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अधूरी पढ़ाई पर ही इम्तिहान शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
Updated Sat, 15 Oct 2016 10:39 PM IST
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राबर्ट्सगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अर्द्धवार्षिक परीक्षा देते बच्चे।
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जिले के परिषदीय विद्यालयों की अर्द्घवार्षिक परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। पहले दिन कक्षा एक से लेकर आठ तक की हिंदी की परीक्षा हुई। अधूरे ज्ञान पर ही बच्चों का इम्तिहान लिया जा रहा है। बता दें कि इस बार परिषदीय विद्यालयों में अब तक सभी विषयों की पुस्तकें बच्चों को नहीं दी जा सकी हैं। कुछ पुरानी किताबों से ही पढ़ाई हुई है। इसी बीच उनकी अर्द्घवार्षिक परीक्षा भी शुरू करा दी गई है।
जिले में शुरू परिषदीय विद्यालयों की अर्द्घवार्षिक परीक्षा में पहले दिन कक्षा एक से आठ तक हिंदी का पेपर रहा। बच्चों को पेपर थमा दिया गया और कहीं-कहीं विद्यालयों पर ब्लैक बोर्ड पर शिक्षकों ने प्रश्न का उत्तर भी लिख दिया। हालांकि किसी बाहरी के पहुंचने पर बोर्ड से उत्तर मिटा भी दिया जाता रहा। परीक्षाएं शुरू हुईं लेकिन अधूरी तैयारियों के बीच। कक्षा तीन और पांच के साथ ही कक्षा सात और आठ के बच्चों को इस बार एक भी पुस्तक नहीं मिली। कक्षा छह के विद्यार्थियों को सिर्फ हिंदी की ही पुस्तक मिली है। राबर्ट्सगंज इस्लामियां प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक में नामांकित 107 बच्चों में से 48 बच्चों ने परीक्षा दी। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज में कक्षा छह में 37 नामांकित बच्चों में से 25, सात में 30 में 15 और कक्षा आठ में 67 बच्चों में से 50 बच्चों ने परीक्षा दी।
यहां की प्रधानाध्यापिका उर्मिला सिंह ने बताया कि सभी कक्षाओं में इस बार पूरी किताबें नहीं मिली हैं। उन्होंने पिछली साल के बच्चों से किताबें रखवा ली थी। उन्हीं किताबों से बच्चों को पढ़ाया गया था। उसी आधार पर बच्चों से अर्द्घवार्षिक परीक्षा ली जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी राबर्ट्सगंज उदयचंद राय ने बताया कि जितनी किताबें मिली हैं, उसी आधार पर परीक्षाएं शुरू करा दी गई हैं। रामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार चतरा ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बगैर पुस्तक मिले ही अधूरी तैयारी के बीच परीक्षाएं शुरू होने पर अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की है।
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जिले में शुरू परिषदीय विद्यालयों की अर्द्घवार्षिक परीक्षा में पहले दिन कक्षा एक से आठ तक हिंदी का पेपर रहा। बच्चों को पेपर थमा दिया गया और कहीं-कहीं विद्यालयों पर ब्लैक बोर्ड पर शिक्षकों ने प्रश्न का उत्तर भी लिख दिया। हालांकि किसी बाहरी के पहुंचने पर बोर्ड से उत्तर मिटा भी दिया जाता रहा। परीक्षाएं शुरू हुईं लेकिन अधूरी तैयारियों के बीच। कक्षा तीन और पांच के साथ ही कक्षा सात और आठ के बच्चों को इस बार एक भी पुस्तक नहीं मिली। कक्षा छह के विद्यार्थियों को सिर्फ हिंदी की ही पुस्तक मिली है। राबर्ट्सगंज इस्लामियां प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक में नामांकित 107 बच्चों में से 48 बच्चों ने परीक्षा दी। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय राबर्ट्सगंज में कक्षा छह में 37 नामांकित बच्चों में से 25, सात में 30 में 15 और कक्षा आठ में 67 बच्चों में से 50 बच्चों ने परीक्षा दी।
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यहां की प्रधानाध्यापिका उर्मिला सिंह ने बताया कि सभी कक्षाओं में इस बार पूरी किताबें नहीं मिली हैं। उन्होंने पिछली साल के बच्चों से किताबें रखवा ली थी। उन्हीं किताबों से बच्चों को पढ़ाया गया था। उसी आधार पर बच्चों से अर्द्घवार्षिक परीक्षा ली जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी राबर्ट्सगंज उदयचंद राय ने बताया कि जितनी किताबें मिली हैं, उसी आधार पर परीक्षाएं शुरू करा दी गई हैं। रामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार चतरा ब्लॉक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बगैर पुस्तक मिले ही अधूरी तैयारी के बीच परीक्षाएं शुरू होने पर अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की है।
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