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सपाइयों की पुलिस से नोकझोंक, जाम लगाने की कोशिश
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य रामविचार को मतदान से रोकने पर सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस-प्रशासन पर सत्ता पक्ष को लाभान्वित करने का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगाने की भी कोशिश की। बाद में पुलिस-प्रशासन के सख्त होने पर वे शांत हुए।
हंगामे का मूल कारण रहा वार्ड से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य रामविचार गोंड़ को मतदान से रोकना था। रामविचार गोंड़ 25 जून से लापता थे। पुत्र की तहरीर पर पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर रामविचार की तलाश कर रही थी। शनिवार की दोपहर करीब एक बजे रामविचार जैसे ही वोट देने कलेक्ट्रेट पहुंचे, पुलिस ने रोक लिया। पुलिस का कहना था कि नियमानुसार सदस्य को सबसे पहले घरवालों के सुपुर्द किया जाएगा। जो व्यक्ति अपहृत है, वह वोट कैसे दे सकता है। सपा समर्थकों का कहना था कि सदस्य को वोट देने दीजिए, फिर अन्य औपचारिकताएं पूरी कराएं। इसे लेकर काफी देकर नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस पूछताछ के लिए रामविचार को अपने साथ ले गई। यह देखकर सपाई उग्र हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। हाईवे पर चक्काजाम करने का भी प्रयास किया। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाई और कुछ देर में ही रामविचार को ले आने पर सपाई शांत हुए। बाद में रामविचार ने मतदान किया।
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हंगामे का मूल कारण रहा वार्ड से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य रामविचार गोंड़ को मतदान से रोकना था। रामविचार गोंड़ 25 जून से लापता थे। पुत्र की तहरीर पर पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर रामविचार की तलाश कर रही थी। शनिवार की दोपहर करीब एक बजे रामविचार जैसे ही वोट देने कलेक्ट्रेट पहुंचे, पुलिस ने रोक लिया। पुलिस का कहना था कि नियमानुसार सदस्य को सबसे पहले घरवालों के सुपुर्द किया जाएगा। जो व्यक्ति अपहृत है, वह वोट कैसे दे सकता है। सपा समर्थकों का कहना था कि सदस्य को वोट देने दीजिए, फिर अन्य औपचारिकताएं पूरी कराएं। इसे लेकर काफी देकर नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस पूछताछ के लिए रामविचार को अपने साथ ले गई। यह देखकर सपाई उग्र हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। हाईवे पर चक्काजाम करने का भी प्रयास किया। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाई और कुछ देर में ही रामविचार को ले आने पर सपाई शांत हुए। बाद में रामविचार ने मतदान किया।
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