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2060 लोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काट रहे चक्कर
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सोनभद्र। लेखपालों के कामकाज ठप करने का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। राबर्ट्सगंज, घोरावल एवं दुद्धी तहसील में आय/जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 2060 से अधिक आवदेन पत्र डंप है। आवेदक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से प्रमाण पत्र बनाए जाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा अन्य सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहे है।
कलेक्ट्रेट परिसर में पिछले कई दिनों से पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मांगें पूरी न होने से खफा लेखपाल कामकाज बंद कर दिए है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दो दिन पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने लेखपालों से बात कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किए। लेकिन लेखपालों ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। लेखपालों का कहना था कि प्रशासन उनकी मांगें पूर्ण कराने मेें सहयोग करने की बजाय मनमाने ढंग से उन लोगों पर कार्रवाई कर आवाज दबाने का कार्य कर रहा है। लेखपालों के रूख देख अधिकारी चुप होकर वापस चले गए। लेखपालों के कामकाज ठप करने से आय/जाति प्रमाण पत्र तक नहीं बन पा रहा। भूमि संबंधित शिकायती पत्रों का भी निस्तारण लंबित है। सदर तहसील के एसडीएम यमुना धर चौहान की मानें तो करीब 1200 आय/जाति प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित है। वहीं घोरावल प्रकाश चंद्र के मुताबिक लगभग 400 आवेदन पत्र लंबित है। दुद्धी एसडीएम सुशील यादव का कहना है कि 460 लोगों ने आय/जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र जमा किए है।
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कलेक्ट्रेट परिसर में पिछले कई दिनों से पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपाल धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मांगें पूरी न होने से खफा लेखपाल कामकाज बंद कर दिए है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दो दिन पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने लेखपालों से बात कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किए। लेकिन लेखपालों ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। लेखपालों का कहना था कि प्रशासन उनकी मांगें पूर्ण कराने मेें सहयोग करने की बजाय मनमाने ढंग से उन लोगों पर कार्रवाई कर आवाज दबाने का कार्य कर रहा है। लेखपालों के रूख देख अधिकारी चुप होकर वापस चले गए। लेखपालों के कामकाज ठप करने से आय/जाति प्रमाण पत्र तक नहीं बन पा रहा। भूमि संबंधित शिकायती पत्रों का भी निस्तारण लंबित है। सदर तहसील के एसडीएम यमुना धर चौहान की मानें तो करीब 1200 आय/जाति प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित है। वहीं घोरावल प्रकाश चंद्र के मुताबिक लगभग 400 आवेदन पत्र लंबित है। दुद्धी एसडीएम सुशील यादव का कहना है कि 460 लोगों ने आय/जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र जमा किए है।
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