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नगर पंचायतों में अभी गृहकर वसूलने की तैयारी
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सोनभद्र। जिले के आधा दर्जन नगर पंचायतों में अभी गृहकर सहित अन्य कर वसूलने की तैयारी चल रही है। कर निर्धारण के लिए नगर पंचायतों में सर्वे चल रहा है। अभी तक सिर्फ चोपन नगर पंचायत प्रशासन ही गृहकर वसूल कर रहा है। जिले की सबसे पुरानी नगर पंचायत घोरावल में हैसियत व संपति टैक्स लगता है पर अभी हाउस टैक्स (गृहकर) नहीं लगता। उम्मीद है कि नये साल से सभी नगर पंचायतों में गृहकर लगना शुरू हो जाएगा। नगर पंचायतों में लगाए जा रहे कर के विरोध में लोग मुखर होने लगे हैं।
घोरावल नगर पंचायत जिले की सबसे पुरानी टाउन एरिया है। घोरावल के भौगोलिक व व्यवसायिक महत्व को देखते हुए ब्रिटिशकाल में सन 1872 में ही इसे टाऊन एरिया का दर्जा मिल चुका था। अधिशासी अधिकारी चैतन्य कुमार तिवारी ने बताया कि अभी तक नगर पंचायत में हैसियत एवं सम्पत्ति कर लगाया जाता रहा है। घोरावल नगर पंचायत की आबादी लगभग 7291 है।1039 परिवार हैसियत व सम्पत्ति टैक्स जमा करते हैं। हाउस टैक्स के लिए अभी प्रक्रिया चल रही है। नई व्यवस्था के तहत अब हैसियत एवं संपत्ति कर के स्थान पर गृहकर लगाया जाएगा। ओबरा नगर पंचायत में हाउस टैक्स और व्यावसायिक लाइसेंस के लिए सर्वे चल रहा है। दुद्धी नगर पंचायत में भी गृहकर के लिए सर्वे चल रहा है। जिसका स्थानीय रहवासी विरोध कर रहे हैं। वहीं नगर पंचायत चुर्क/ गुरमा में सीमांकन नहीं होने के कारण गृहकर चलाने में दिक्कत हो रही है। उधर, नगर पंचायतों में गृहकर के लिए सर्वे के विरोध में स्थानीय रहवासी मुखर होने लगे है। रहवासियों का कहना है कि नगर पंचायत के आय केलिए गृहकर लगाया जाना ठीक है। लेकिन गृहकर निर्धारण करने के दौरान नगर पंचायत को यह ध्यान रखना होगा कि छोटे व्यापारियों व गरीब रहवासियों के ऊपर कम से कम बोझ डाला जाए। तो कुछ लोग नगर पंचायतों में गृहकर लगाए जाने के फैसले को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन साफ. सफाई, नाली व अन्य सुविधाएं नहीं दी जाती। इसलिए नगर पंचायत को रहवासियों पर यह कर नहीं थोपना चाहिए।
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घोरावल नगर पंचायत जिले की सबसे पुरानी टाउन एरिया है। घोरावल के भौगोलिक व व्यवसायिक महत्व को देखते हुए ब्रिटिशकाल में सन 1872 में ही इसे टाऊन एरिया का दर्जा मिल चुका था। अधिशासी अधिकारी चैतन्य कुमार तिवारी ने बताया कि अभी तक नगर पंचायत में हैसियत एवं सम्पत्ति कर लगाया जाता रहा है। घोरावल नगर पंचायत की आबादी लगभग 7291 है।1039 परिवार हैसियत व सम्पत्ति टैक्स जमा करते हैं। हाउस टैक्स के लिए अभी प्रक्रिया चल रही है। नई व्यवस्था के तहत अब हैसियत एवं संपत्ति कर के स्थान पर गृहकर लगाया जाएगा। ओबरा नगर पंचायत में हाउस टैक्स और व्यावसायिक लाइसेंस के लिए सर्वे चल रहा है। दुद्धी नगर पंचायत में भी गृहकर के लिए सर्वे चल रहा है। जिसका स्थानीय रहवासी विरोध कर रहे हैं। वहीं नगर पंचायत चुर्क/ गुरमा में सीमांकन नहीं होने के कारण गृहकर चलाने में दिक्कत हो रही है। उधर, नगर पंचायतों में गृहकर के लिए सर्वे के विरोध में स्थानीय रहवासी मुखर होने लगे है। रहवासियों का कहना है कि नगर पंचायत के आय केलिए गृहकर लगाया जाना ठीक है। लेकिन गृहकर निर्धारण करने के दौरान नगर पंचायत को यह ध्यान रखना होगा कि छोटे व्यापारियों व गरीब रहवासियों के ऊपर कम से कम बोझ डाला जाए। तो कुछ लोग नगर पंचायतों में गृहकर लगाए जाने के फैसले को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन साफ. सफाई, नाली व अन्य सुविधाएं नहीं दी जाती। इसलिए नगर पंचायत को रहवासियों पर यह कर नहीं थोपना चाहिए।
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