सोनभद्र। जिले में एंबुलेंस व्यवस्था दम तोड़ने लगी है। पीड़ितों के फोन करने के बाद भी समय से एंबुलेंस नहीं पहुंच रही है। रविवार को जिला अस्पताल में घंटे भर जमीन पर प्रसूता सुमन तड़पती रही, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में घरवालों को आटो से प्रसूता को घर ले जाना पड़ा।
शुक्रवार को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के खाक गांव निवासी सुमन ने उपकेंद्र कनेटी पर बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा घर चले गए। शनिवार की रात करीब दो बजे अचानक नवजात के पेट में दर्द उठा। रविवार की भोर करीब पांच बजे घरवाले जच्च-बच्चा को लेकर सीएचसी घोरावल पहुंचे। प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने बच्चे की हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आठ बजे घरवाले जच्चा-बच्चा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने बच्चे को देखते ही मृत घोषित कर दिया। सुमन के पति कन्हैया ने बताया कि 102 और 108 नंबर एंबुलेंस के लिए कई बार कॉल किया। घंटे भर इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में आटो रिजर्व कर घर ले गए। इस संबंध में सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस क्यों नहीं ले गई, इसकी जांच करवाएंगे। आरोप सही मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा।