खतरे के निशान से पार हुई सोन नदी: पंप हाउस में घुसा पानी, प्रति घंटे 30 सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर; दहशत
Sonbhadra News: सोन नदी ने रात आठ बजे चोपन में खतरे का निशान पार कर लिया। रेलवे पुल के पास लगे गेज मीटर पर खतरे का निशान 171 मीटर है। रात आठ बजे पानी 171.3 मीटर पर था। इसे देखते हुए तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
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मप्र में हुई भारी बरसात के कारण सोन नदी में काफी मात्रा में पानी आ गया है। इससे नदी के बहाव में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। चोपन में सोमेश्वर महादेव घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया। रेलवे का पंप हाउस भी पानी में डूब गया है।
एहतियात के तौर पर पंप को बाहर निकाल लिया गया है। इससे रेलवे की जलापूर्ति पर भी असर पड़ने की संभावना है। रविवार की शाम चोपन में बने गेज मीटर पर सोन नदी का जलस्तर 170.5 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 171 मीटर है। नदी में प्रति घंटे 30 सेमी की रफ्तार से बढ़ाव जारी था।
रेलवे के आईओडब्ल्यू आरबी पाल ने बताया कि पंप हाउस में पानी आने के कारण चोपन रेलवे स्टेशन पर कोचिंग गाड़ियों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी। यात्रियों को पीने के लिए और रेलवे आवासों में जलापूर्ति के लिए अभी पानी टंकी में है। अगर पानी नहीं घटा तो परेशानी होगी।
बारिश से नुकसान का जायजा लेने गांव पहुंचे अधिकारी
लगातार बारिश के कारण बेलवादह गांव के डकहिया टोले में पानी का निकास बंद होने से जलभराव हो गया। रविवार को शिकायत की जांच करने अनपरा तापीय परियोजना के अधिकारी सहित राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
अनपरा तापीय परियोजना के अधीक्षण अभियंता आरपी मल्ल, लेखपाल वर्षा वर्मा के साथ पहुंची टीम ने बेलवादह गांव के डकहिया टोले में लोगों से पूछताछ की। पीड़ित रमाशंकर ने बताया कि टोले में उनकी 6 बीघा से अधिक जमीन है। बरसात में खेत जलमग्न हो जाता है।
गांव में अनपरा तापीय परियोजना ने अपना ऐश बांध बनवाया हुआ है। यहां परियोजना का राख गिरता है। परियोजना ने गांव के आसपास पहाड़ी पानी के सभी निकास को राख डालकर बंद कर दिया है। परियोजना की गलती के कारण तेज बारिश से शनिवार को घरों में पानी घुस गया।
उसका घर पानी में गिर गया। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई। परियोजना के अधिकारियों ने नुकसान की जांच की और फिलहाल परियोजना के आवासों में परिवार को रहने के कमरा देने की बात कही है। रमाशंकर और उसके परिवार ने उचित मुआवजे की मांग की है।
गत दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और डिस्चार्ज चैनल के पानी के तेज बहाव के कारण डिबुलगंज से डी प्लांट को जाने वाली सड़क के बीच बनी पुलिया की बाउंड्री बह गई व सड़क के नीचे कई फीट गड्ढा हो गया, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
अनपरा तापीय परियोजना पानी के इस्तेमाल के बाद काफी मात्रा में पानी डिचार्ज चैनल के माध्यम से छोड़ता है, जो डिबुलगंज से होता हुआ गुजरता है। डिबुलगंज में डब्लूटीपी प्लांट के पास पुलिया बनाई गई, जिससे अनपरा द तापीय परियोजना को आने-जाने वाले लोग सफर करते हैं।
गत दिनों से क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे पुलिया की मिट्टी ढीली होकर खिसक गई और पुलिया की बाउंड्री भी डिस्चार्ज चैनल के तेज बहाव में बह गई। इससे पुल के बगल में सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया है, जो दुर्घटना को दावत दे रहा है।
स्थानीय लोगों ने गड्ढे के पास पेड़ पौधे से घेर दिया है। फिर भी चैनल के तेज बहाव के कारण पुल गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत सहित परियोजना के अधिकारियों को सूचना दे दी है।