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Sonebhadra News: कहीं शूपर्णखा की नाक कटी तो कहीं बाली वध

Fri, 16 Oct 2026 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:16 PM IST
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Somewhere Shurpanakha's nose was cut and somewhere Bali was killed.
राबटसगंज रामलीला में मंचन करते कलाकार।स्रोत स्वयं
जिले में चल रही रामलीलाओं में बृहस्पतिवार की रात रामकथा के अलग-अलग प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। कहीं प्रभु श्रीराम और केवट के मिलन ने श्रद्धालुओं को भावुक किया तो कहीं बाली वध, राम-सुग्रीव मित्रता और धनुष यज्ञ के मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रॉबर्ट्सगंज नगर में रामलीला मैदान पर सांसद छोटेलाल खरवार ने नवनिर्मित टिन शेड का लोकार्पण भी किया।
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रॉबर्ट्सगंज नगर में श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के आठवें दिन आदर्श श्रीरामलीला मंडल, पिपलेश्वर धाम सिंगरौली के कलाकारों ने राम-केवट संवाद और शूर्पणखा नासिका छेदन की लीला प्रस्तुत की। केवट द्वारा प्रभु श्रीराम के चरण पखारने के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पंचवटी प्रसंग में लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक-कान काटने की लीला के मंचन पर पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। इस दौरान सांसद छोटेलाल खरवार ने सांसद निधि से निर्मित टीन शेड का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इससे रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की प्रतिकूलता से राहत मिलेगी। वहीं, अनपरा के औड़ीमोड़ स्थित दुराशनी मंदिर परिसर में राम वनवास की लीला का मंचन हुआ। वन गमन के दौरान अयोध्यावासियों की व्याकुलता और राम-केवट संवाद ने दर्शकों को भावुक कर दिया। गंगा पार कराने के बाद जब श्रीराम ने केवट को उतराई देनी चाही तो केवट ने कहा कि प्रभु ने उन्हें भवसागर पार करा दिया है। इसी दौरान एक महिला श्रद्धालु मंच पर पहुंच गई और भगवान के चरण पखारकर उन्हें अपने आंचल से पोंछा। इस दृश्य को देखकर मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। घोरावल में रामेश्वर रामलीला समिति की ओर से राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध का मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि किस तरह हनुमान की मुलाकात सुग्रीव से होती है और बाद में श्रीराम-सुग्रीव की मित्रता होती है। सुग्रीव को बाली के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए श्रीराम बाली का वध करते हैं। राम की भूमिका राजेश अग्रहरि, लक्ष्मण की अनीश कुमार और हनुमान की भूमिका सुरेश कुमार ने निभाई। करमा में आदर्श प्रेम नाट्य रामलीला समिति की ओर से धनुष यज्ञ और राम-सीता विवाह का मंचन किया गया। जनक दरबार में शिवधनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने में राजा-महाराजाओं के असफल रहने के बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई तो वह टूट गया। इसके बाद परशुराम-लक्ष्मण संवाद और सीता स्वयंवर के प्रसंगों का मंचन हुआ। श्रीराम के गले में सीता के वरमाला डालने के दृश्य पर दर्शकों ने जयकारे लगाए।
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राम वनगमन का मंचन देख भावुक हुए श्रद्धालु
म्योरपुर। कस्बे में चल रही श्रीरामलीला के सातवें दिन राम वनवास प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस दौरान एसटी-एससी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार और बसपा के दुद्धी विधानसभा प्रभारी संजय गोंड धुर्वे ने श्रीराम की आरती उतारी। जीत सिंह खरवार ने कहा कि श्रीराम ने वनवास के दौरान सब कुछ त्याग दिया, लेकिन धनुष-बाण नहीं छोड़ा। श्रीराम की परंपरा और आदर्शों को आदिवासी समाज आज भी जीवित रखे हुए है। वहीं संजय गोंड धुर्वे ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने मानव रूप में जन्म लेकर मर्यादा का पालन किया। सभी को उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। इस मौके पर श्रीरामलीला कमेटी के महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष मोनू जायसवाल, रामलीला मंडली अध्यक्ष शनि अग्रहरी, अजय कुमार, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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