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शरद पूर्णिमा: रात में बनाएं खीर, करें विष्णु-लक्ष्मी की पूजा
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सोनभद्र। तिथि के घटते-बढ़ते क्रम में शरद पूर्णिमा इस साल दो दिन मनाया जाएगा। 30 अक्तूबर दिन शुक्रवार की रात में आस्थावान भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी की पूजा करके खीर बना सकते हैं। जबकि 31 अक्तूबर को पूरे दिन आस्थावान स्नान करके गरीबों में दान कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य डा.एसएन तिवारी और पंडित वेदप्रकाश ने बताया कि सनातन धर्म में अश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) का विशेष स्थान है। बताया कि सतयुग में देव एवं दैत्यों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। समुद्र मंथन में कुल चौदह रत्नों की प्राप्ति हुई थी। इन रत्नों में देवी लक्ष्मी भी थी। शरद पूर्णिमा के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी का अवतरण हुआ था। पूर्णिमा की रात में भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए इसे कोजाग्री पूर्णिमा भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि शरण पूर्णिमा की रात में खीर बनाकर खुले आसमान में करीब चार घंटे तक रखना चाहिए और अलसुबह उस खीर का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 30 अक्तूबर को 5.22 बजे पूर्णिमा लग जाएगी। जो अगले दिन 31 अक्तूबर को देर शाम 7.31 बजे तक रहेगी। इसलिए 30 अक्तूबर की रात में भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी जी की पूजा और खीर बनाया जाएगा और स्नान, दान 31 अक्तूबर को पूरे दिन होगा।
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ज्योतिषाचार्य डा.एसएन तिवारी और पंडित वेदप्रकाश ने बताया कि सनातन धर्म में अश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) का विशेष स्थान है। बताया कि सतयुग में देव एवं दैत्यों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। समुद्र मंथन में कुल चौदह रत्नों की प्राप्ति हुई थी। इन रत्नों में देवी लक्ष्मी भी थी। शरद पूर्णिमा के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी का अवतरण हुआ था। पूर्णिमा की रात में भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए इसे कोजाग्री पूर्णिमा भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि शरण पूर्णिमा की रात में खीर बनाकर खुले आसमान में करीब चार घंटे तक रखना चाहिए और अलसुबह उस खीर का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 30 अक्तूबर को 5.22 बजे पूर्णिमा लग जाएगी। जो अगले दिन 31 अक्तूबर को देर शाम 7.31 बजे तक रहेगी। इसलिए 30 अक्तूबर की रात में भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी जी की पूजा और खीर बनाया जाएगा और स्नान, दान 31 अक्तूबर को पूरे दिन होगा।
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