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धारा 20 की जमीनों को परिवर्तित कर दिया चार में
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Wed, 11 May 2016 12:49 AM IST
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जो जमीन धारा बीस में विज्ञापित हो गई थीं। उन्हें पुन: धारा चार में शामिल कराकर वन बंदोबस्त अधिकारी के यहां मुकदमा दाखिल किया गया और 1978 से पहले का कब्जा दिखाकर अपने पक्ष में आदेश पारित करा लिया गया। इस बात का जिक्र पिछले वर्ष मुख्य वन संरक्षक की ओर से प्रदेश सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में भी है।
रेणुकूट वन प्रभाग के जोगेंद्रा में एक राजनेता को ढाई सौ बीघे जमीन पर काबिज होने, सोनभद्र वन प्रभाग के सिलहट में पूर्व विधायक द्वारा 56 बीघे जमीन अपने भतीजों के नाम कराने, ओबरा वन प्रभाग के वर्दिया में कानूनगो द्वारा अपने पिता के नाम जमीन कराने, घोरावल वन रेंज के घोरिया में एक रसूखदार द्वारा कई बीघे जमीन हासिल करने, ओबरा वन प्रभाग के बिल्ली मारकुंडी में जंगल की जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित करने, चुर्क में एक कॉलेज के लिए वन विभाग की जमीन लेने, ओबरा वन प्रभाग के एक गांव में जन्म लेने से पहले ही एक व्यक्ति द्वारा दर्जनों बीघे जमीन पर अपना कब्जा दिखाने, अनपरा परिक्षेत्र में कई रसूखदारों, पूंजीपतियों द्वारा अनपरा परियोजना के वजूद में आने से पूर्व ही वन विभाग की जमीन पर दावा ठोंका जा चुका है।
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रेणुकूट वन प्रभाग के जोगेंद्रा में एक राजनेता को ढाई सौ बीघे जमीन पर काबिज होने, सोनभद्र वन प्रभाग के सिलहट में पूर्व विधायक द्वारा 56 बीघे जमीन अपने भतीजों के नाम कराने, ओबरा वन प्रभाग के वर्दिया में कानूनगो द्वारा अपने पिता के नाम जमीन कराने, घोरावल वन रेंज के घोरिया में एक रसूखदार द्वारा कई बीघे जमीन हासिल करने, ओबरा वन प्रभाग के बिल्ली मारकुंडी में जंगल की जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित करने, चुर्क में एक कॉलेज के लिए वन विभाग की जमीन लेने, ओबरा वन प्रभाग के एक गांव में जन्म लेने से पहले ही एक व्यक्ति द्वारा दर्जनों बीघे जमीन पर अपना कब्जा दिखाने, अनपरा परिक्षेत्र में कई रसूखदारों, पूंजीपतियों द्वारा अनपरा परियोजना के वजूद में आने से पूर्व ही वन विभाग की जमीन पर दावा ठोंका जा चुका है।
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