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अतिक्रमण हटाने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो सोनभद्र
Updated Thu, 03 Mar 2016 12:48 AM IST
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जिला संयुक्त चिकित्सालय की चहारदीवारी के बाहर से बुधवार को अतिक्रमण
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हटाने का विरोध करते हुए एक व्यक्ति बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। कोतवाल के
आश्वासन पर वह आधे घंटे बाद नीचे उतरा। उसने खुद अतिक्रमण हटाने की बात कही
तो पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे फोर्स के साथ नायब तहसीलदार, सीएमएस डॉक्टर डीके सिंह ने अस्पताल की भूमि से अतिक्रमण हटवाना शुरू किया। निर्माणाधीन भवन में होटल चलाने वाले बसंत जायसवाल और उसकी पत्नी तारा ने इसका विरोध किया।
बसंत का कहना था कि उसकी भूमि में जिला अस्पताल बना है। वह रोजी-रोटी के लिए दूकान चला रहा है। महिला फोर्स विरोध करने वाली महिला को कोतवाली ले आई। उधर, अतिक्रमण हटवाए बगैर नायब तहसीलदार भी वहां से चले गए।
इसी बीच बसंत बिजली के टॉवर पर चढ़ गया और अतिक्रमण हटाने का काम बंद करने की मांग की। आधे घंटे बाद कोतवाल के आश्वासन पर वह नीचे उतरा। पुलिस उसे भी कोतवाली ले गई। यहां बसंत और उसकी पत्नी ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए खुद अतिक्रमण हटाने की बात कही तो पुलिस ने उनको चेतावनी देते हुए छोड़ दिया।
उधर, नायब तहसीलदार अंबिका चौधरी ने बताया कि बढ़ौली गांव के तीन व्यक्ति बैनामा करने के लिए इंतजार कर रहे थे, इसलिए वे रजिस्ट्री आफिस चले गए थे।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे फोर्स के साथ नायब तहसीलदार, सीएमएस डॉक्टर डीके सिंह ने अस्पताल की भूमि से अतिक्रमण हटवाना शुरू किया। निर्माणाधीन भवन में होटल चलाने वाले बसंत जायसवाल और उसकी पत्नी तारा ने इसका विरोध किया।
बसंत का कहना था कि उसकी भूमि में जिला अस्पताल बना है। वह रोजी-रोटी के लिए दूकान चला रहा है। महिला फोर्स विरोध करने वाली महिला को कोतवाली ले आई। उधर, अतिक्रमण हटवाए बगैर नायब तहसीलदार भी वहां से चले गए।
इसी बीच बसंत बिजली के टॉवर पर चढ़ गया और अतिक्रमण हटाने का काम बंद करने की मांग की। आधे घंटे बाद कोतवाल के आश्वासन पर वह नीचे उतरा। पुलिस उसे भी कोतवाली ले गई। यहां बसंत और उसकी पत्नी ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए खुद अतिक्रमण हटाने की बात कही तो पुलिस ने उनको चेतावनी देते हुए छोड़ दिया।
उधर, नायब तहसीलदार अंबिका चौधरी ने बताया कि बढ़ौली गांव के तीन व्यक्ति बैनामा करने के लिए इंतजार कर रहे थे, इसलिए वे रजिस्ट्री आफिस चले गए थे।