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जिले भर में फिर हुई झमाझम बारिश, उमस से राहत

Thu, 18 Jun 2020 09:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2020 09:33 PM IST
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rain again across the district, relief from humidity
राबर्ट्सगंज नवीन सब्जी मंडी के समीप सड़क पर भरा बारिश का पानी। - फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। जिले में पिछले तीन दिनों से रूक-रूक कर झमाझम बारिश हो रही है। इससे जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं हैंडपंपों का जल स्तर भी उपर हुआ है। उधर नदी, नालों में पानी बढ़ गया है। इससे खनन कार्य बंद हो गया है। गुरुवार की भोर में हुई झमाझम बारिश से कई जगहों पर जल जमाव हो गया है। हालांकि गुरुवार को दोपहर बाद बारिश बंद हो गई। इससे लोगों को राहत मिली है।
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पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से राबर्ट्सगंज के मंडी समिति परिसर के सामने वाराणसी- शक्तिनगर मार्ग पर जल जमाव हो गया है। इसी तरह धर्मशाला चौराहा, नई बस्ती, रेलवे क्रासिंग के पास जल जमाव हो गया, जिससे लोगों को पैदल आवागमन में परेेशनी झेलनी पड़ रही है। बारिश से ग्रामीण इलाकों की सड़कें कीचड़युक्त हो गई है। इससे फिसलन बढ़ गई है। उधर बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
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किसान लगातार खेतों में जुटे हुए हैं। धान की नर्सरी लगाने का कार्य कर रहे हैं। दुद्धी: तहसील क्षेत्र के तहत ज्यातर गांवों में पूरी रात झमाझम बारिश हुई। इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। ससमय बरसात से किसानों ने खेतों में काम शुरू कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार समय से बुआई कर तिल्ली, उरद, धान, रहर, मूंगफली का पैदावारी कर अच्छा मुनाफा कमाएंगे। पिछले तीन दिनों से रुक-रुक हो रही बारिश से जल स्रोतों के लेबल धरती की सतह से उपर उठ कर आ गया है। इससे जलसंकट की समस्या दूर होने लगी है। नदी नालों में भी बारिश का पानी धीरे धीरे हल्का फुल्का चलने लगा है।
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कोयला खदान में डूबी करोड़ों की मशीनें
शक्तिनगर। एनसीएल दुद्धीचुआ कोयला क्षेत्र के खदान क्षेत्र में करोड़ों की कई मशीनों के डूबने से कोल प्रबंधन के अफसरों में हड़कंप मच गया है। यह बुधवार व गुरुवार को हुई अचानक बारिश के वजह से हुई। अफसरों का कहना है कि पानी में फंसे डंपर व मशीनों को निकालने के लिए लगातार पंम्पिग कराई जा रही है।इलाके में कई दिनों से छिटपुट हो रही बारिश का सिलसिला बुधवार को जोर पकड़ लिया।
इसके बाद जारी बरसात का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन रूक रूक कर जारी रहा। कोल प्रोजेक्ट के कर्मचारियों के मुताबिक बारिश के पानी का दबाव बढ़ने से जल निकासी की व्यवस्था छोटी पड़ गई। इसके बाद खदान क्षेत्र के मुख्य कोल सेक्शन में पानी जमा होने लगा। कुछ ही देर में जल दबाव इस कदर हावी हुआ कि कोल सेक्शन के नीचले हिस्से में किसी वजह से खराब खड़ा सौ टन भार वहन क्षमता का डंपर, एक डोजर, शावेल मशीन, कई हैवी इलेक्ट्रिक पंप सहित अन्य उपकरण पानी में डूब गए। अफसरों का कहना है कि यह सब अचानक हुआ।

बताया जा रहा है कि इस घटना से कोल प्रबंधन को बड़ी क्षति पहुंची है। एनसीएल के प्रवक्ता राम विजय सिंह ने बताया कि अचानक हुई बारिश से पैदा हुई स्थिति से निबटने का प्रयास युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चार बड़े पंपों के जरिए पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है। उनका कहना था कि मौसम ने साथ साथ दिया तो पानी में डूबे डंपर को निकालने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
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