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रेलवे महाप्रबंधक ने नए कंट्रोल रूम का किया लोकार्पण
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पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा ने शनिवार की रात चोपन स्टेशन पर नवनिर्मित कंट्रोल रूम का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने रेल अधिकारियों के साथ मंत्रणा भी की। इससे पहले उन्होंने अनपरा और कृष्णशिला ब्लॉक सेक्शन में सिंगल लाइन पर भारतीय रेल के पहले इंटरमीडिएट ब्लाक हट का भी लोकार्पण किया।
विंढमगंज-दुद्धी नगर रेलखंड के मध्य निर्माणाधीन रेल पुल का महाप्रबंधक ने जायजा लिया। रमना-सिंगरौली दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत झारोखास-मयूरपुर रोड रेलखंड के मध्य रेल पुल संख्या 222 के निर्माण को देखा। परिचालन दक्षता में वृद्धि के लिए 11 किमी लंबे अनपरा और कृष्णशिला ब्लॉक सेक्शन में सिंगल लाइन पर भारतीय रेल का पहला इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (आईबीएच) का लोकार्पण भी किया। नई प्रणाली के स्थापित होने से इस रेलखंड पर तीव्र और सुगम रेल परिचालन में मदद मिलेगी। इसके बाद महाप्रबंधक गुड्स शेड, कृष्णशिला पहुंचे। महाप्रबंधक ने सिंगरौली में एनसीएल, एनटीपीसी विंध्याचल और हिंडाल्को के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इसके बाद महाप्रबंधक ने चोपन स्टेशन पर नए कंट्रोल रूम का लोकार्पण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम प्रबंधक आशीष बंसल, एडीआरएम आशीष झा, अखिलेश कुमार पांडेय, दीपक कुमार, अजय चौधरी, आईबी श्रीवास्तव, आशीष व विजय विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने उठाया प्रीतनगर का मुद्दा
चोपन। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भ्रमण के दौरान चोपन में चेयरमैन प्रतिनिधि उस्मान अली ने ज्ञापन सौंपा। कहा कि चोपन के प्रीतनगर क्षेत्र में पिछले कई दशकों से रह रहे रहवासियों ने अपने जीवन भर की कमाई से मकान बना रखे हैं। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई लोगों के मकान बने हुए हैं। मुख्य बाजार से प्रीतनगर तक की पूरब पटरी में इन्हीं जमीनों के अधिकांश हिस्से को रेलवे कागजों में अपना बता रही है। पूर्व में कई बार स्थानीय रेल अधिकारी दल बल के साथ इन्हीं जमीनों को अपना बताते हुए 1962 के कथित अधिग्रहण के नक्शे के मुताबिक मौजूदा रहवासियों को अतिक्रमणकारी करार देते हुए उन्हें भूमि खाली करने की नोटिस दे रहे थे जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वर्तमान में रेलवे के कागजातों और राजस्व विभाग के भू अभिलेख कागजातों में भारी अंतर है। रेलवे के जिन कागजातों में यहां रेल भूमि है, वहीं राजस्व विभाग के भू अभिलेखों में रहवासियों की रजिस्ट्री की हुई जमीनें हैं। उन्होंने बस स्टैंड से चोपन रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय की भी मांग रखी। दोनों मामले को जीएम ने गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
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विंढमगंज-दुद्धी नगर रेलखंड के मध्य निर्माणाधीन रेल पुल का महाप्रबंधक ने जायजा लिया। रमना-सिंगरौली दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत झारोखास-मयूरपुर रोड रेलखंड के मध्य रेल पुल संख्या 222 के निर्माण को देखा। परिचालन दक्षता में वृद्धि के लिए 11 किमी लंबे अनपरा और कृष्णशिला ब्लॉक सेक्शन में सिंगल लाइन पर भारतीय रेल का पहला इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (आईबीएच) का लोकार्पण भी किया। नई प्रणाली के स्थापित होने से इस रेलखंड पर तीव्र और सुगम रेल परिचालन में मदद मिलेगी। इसके बाद महाप्रबंधक गुड्स शेड, कृष्णशिला पहुंचे। महाप्रबंधक ने सिंगरौली में एनसीएल, एनटीपीसी विंध्याचल और हिंडाल्को के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इसके बाद महाप्रबंधक ने चोपन स्टेशन पर नए कंट्रोल रूम का लोकार्पण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम प्रबंधक आशीष बंसल, एडीआरएम आशीष झा, अखिलेश कुमार पांडेय, दीपक कुमार, अजय चौधरी, आईबी श्रीवास्तव, आशीष व विजय विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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चेयरमैन प्रतिनिधि ने उठाया प्रीतनगर का मुद्दा
चोपन। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को भ्रमण के दौरान चोपन में चेयरमैन प्रतिनिधि उस्मान अली ने ज्ञापन सौंपा। कहा कि चोपन के प्रीतनगर क्षेत्र में पिछले कई दशकों से रह रहे रहवासियों ने अपने जीवन भर की कमाई से मकान बना रखे हैं। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई लोगों के मकान बने हुए हैं। मुख्य बाजार से प्रीतनगर तक की पूरब पटरी में इन्हीं जमीनों के अधिकांश हिस्से को रेलवे कागजों में अपना बता रही है। पूर्व में कई बार स्थानीय रेल अधिकारी दल बल के साथ इन्हीं जमीनों को अपना बताते हुए 1962 के कथित अधिग्रहण के नक्शे के मुताबिक मौजूदा रहवासियों को अतिक्रमणकारी करार देते हुए उन्हें भूमि खाली करने की नोटिस दे रहे थे जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वर्तमान में रेलवे के कागजातों और राजस्व विभाग के भू अभिलेख कागजातों में भारी अंतर है। रेलवे के जिन कागजातों में यहां रेल भूमि है, वहीं राजस्व विभाग के भू अभिलेखों में रहवासियों की रजिस्ट्री की हुई जमीनें हैं। उन्होंने बस स्टैंड से चोपन रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय की भी मांग रखी। दोनों मामले को जीएम ने गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
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