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क्रय एजेंसियों को भारी पड़ रहा बोरे का जुगाड़, ठप हो सकती है खरीद
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सोनभद्र। जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू है। मिलरों की हड़ताल और बोरे की कमी की वजह से धान खरीद परवान नहीं चढ़ पा रही है। पीसीएफ के साथ ही साधन सहकारी समितियों पर बोरे की किल्लत बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ धान का उठान ना होने से समितियों पर धान रखने के लिए जगह नहीं बचा है। अगर समितियों पर बोरे की व्यवस्था नहीं होती है और मिलरों की तरफ से धान उठान नहीं किया जाता है तो धान खरीद प्रभावित हो सकती है।
खरीफ वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए जिले में कुल 82 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अभी तक करीब 58 केंद्रों पर धान खरीद शुरू हुई है। जो क्रय केंद्र बनाए गए हैं उसमें से अधिकांश साधन सहकारी समितियां हैं। पीसीएफ और साधन सहकारी समितियों को मिलाकर कुल 46 केंद्रों पर धान खरीद होनी है। इसमें 38 केंद्रों पर धान खरीद भी हो रही है लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर बोरे की कमी बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ मिलरों की हड़ताल की वजह से धान का उठान न होने से जगह की समस्या बनी हुई है। हड़ताल की वजह से मिलर बोरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वहीं आसमान में उमड़ घुमड़ कर रहे बादलों को देखकर धान क्रय केंद्र प्रभारियों के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि बाजार से बोरा खरीद कर धान खरीद की जा रही है। जब बोरा उपलब्ध नहीं हो पाता तो खरीद प्रभावित हो जाती है। कुछ दिन पहले मंडी समिति में संचालित पीसीएफ केंद्र पर बोरे के अभाव में धान खरीद नहीं हो सकी। यदि धान का उठान और बोरा उपलब्ध नहीं कराया गया तो धान खरीद प्रभावित हो सकती है। धान खरीद के लिए कोन, कचनरवा और रामगढ़ में तीन क्रय केंद्र बनाये गये हैं लेकिन अभी तक मात्र कोन लैंपस पर शनिवार से धान खरीद शुरू हुई है। रामगढ़ व कचनरवा में धान क्रय शुरू न होने से किसानों में नाराजगी है। कोन में धान खरीद शुरू तो हो गई है लेकिन यहां भी बोरे का अभाव बना हुआ है। क्षेत्र के किसान, विजय तिवारी, राकेश तिवारी, अखिलेश तिवारी, विजय शंकर जायसवाल, बृज कुमार जायसवाल, ओमप्रकाश वर्मा, राजेश जायसवाल ने डीएम से तीनों केंद्रों पर धान खरीद शुरू कराने की मांग की है। भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष विनय कनौजिया का कहना है कि धान क्रय शुरू न होने से किसान परेशान है। धान खरीद शुरू की जानी चाहिए।
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खरीफ वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए जिले में कुल 82 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अभी तक करीब 58 केंद्रों पर धान खरीद शुरू हुई है। जो क्रय केंद्र बनाए गए हैं उसमें से अधिकांश साधन सहकारी समितियां हैं। पीसीएफ और साधन सहकारी समितियों को मिलाकर कुल 46 केंद्रों पर धान खरीद होनी है। इसमें 38 केंद्रों पर धान खरीद भी हो रही है लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर बोरे की कमी बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ मिलरों की हड़ताल की वजह से धान का उठान न होने से जगह की समस्या बनी हुई है। हड़ताल की वजह से मिलर बोरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वहीं आसमान में उमड़ घुमड़ कर रहे बादलों को देखकर धान क्रय केंद्र प्रभारियों के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि बाजार से बोरा खरीद कर धान खरीद की जा रही है। जब बोरा उपलब्ध नहीं हो पाता तो खरीद प्रभावित हो जाती है। कुछ दिन पहले मंडी समिति में संचालित पीसीएफ केंद्र पर बोरे के अभाव में धान खरीद नहीं हो सकी। यदि धान का उठान और बोरा उपलब्ध नहीं कराया गया तो धान खरीद प्रभावित हो सकती है। धान खरीद के लिए कोन, कचनरवा और रामगढ़ में तीन क्रय केंद्र बनाये गये हैं लेकिन अभी तक मात्र कोन लैंपस पर शनिवार से धान खरीद शुरू हुई है। रामगढ़ व कचनरवा में धान क्रय शुरू न होने से किसानों में नाराजगी है। कोन में धान खरीद शुरू तो हो गई है लेकिन यहां भी बोरे का अभाव बना हुआ है। क्षेत्र के किसान, विजय तिवारी, राकेश तिवारी, अखिलेश तिवारी, विजय शंकर जायसवाल, बृज कुमार जायसवाल, ओमप्रकाश वर्मा, राजेश जायसवाल ने डीएम से तीनों केंद्रों पर धान खरीद शुरू कराने की मांग की है। भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष विनय कनौजिया का कहना है कि धान क्रय शुरू न होने से किसान परेशान है। धान खरीद शुरू की जानी चाहिए।
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