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अनपरा के बंद बिजली घरों से उत्पादन शुरू
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आये फाल्ट के कारण बंद हुए अनपरा ए के बिजली घरों के रविवार सुबह उत्पादनरत हो जाने से प्रदेश में व़िद्युत आपूर्ति की राह काफी सुगम हो गई है। सीडब्ल्यू पंप के ट्रांसफार्मर में शनिवार सुबह खराबी आ जाने के कारण अनपरा ए परियोजना की 210 मेगावाट क्षमता की पहली, दूसरी व तीसरी इकाई से बिजली उत्पादन ठप हो गया था।
प्रदेश को सस्ते दर पर बिजली आपूर्ति करने वाली 630 मेगावाट की इकाईयों के एक साथ बंद होने के कारण परियोजना सहित लखनऊ स्थित शक्ति भवन में भी हड़कंप मच गया था। परियोजना के सीजीएम इं. दीपक कुमार के निर्देशन में तत्काल अभियंता इकाईयों के अनुरक्षण में जुट गये। सीजीएम ने बताया कि लगातार कार्य कर शनिवार की रात 10 बजे तक इकाईयों को लाइटअप करना प्रारंभ कर दिया गया। रविवार भोर में तीन बजे तक सभी इकाईयों को सिंक्रोनाइज कर लिया गया है। इसके साथ ही परियोजना का उत्पादन बढकर 1756 मेगावाट पहुंच गया है। जबकि टरबाइन जनरेटर में आग लग जाने के कारण परियोजना की 500 मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई डेढ वर्ष से बंद चल रही है। प्रदेश में रविवार शाम तक बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट पहुंच गई है। पीक आवर में इसमें और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में ए परियोजना से उत्पादन प्रारंभ हो जाने से पावर कार्पोरेशन को काफी राहत मिली है। उत्पादनरत हो जाने से प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की राह काफी सुगम हो गई है।
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प्रदेश को सस्ते दर पर बिजली आपूर्ति करने वाली 630 मेगावाट की इकाईयों के एक साथ बंद होने के कारण परियोजना सहित लखनऊ स्थित शक्ति भवन में भी हड़कंप मच गया था। परियोजना के सीजीएम इं. दीपक कुमार के निर्देशन में तत्काल अभियंता इकाईयों के अनुरक्षण में जुट गये। सीजीएम ने बताया कि लगातार कार्य कर शनिवार की रात 10 बजे तक इकाईयों को लाइटअप करना प्रारंभ कर दिया गया। रविवार भोर में तीन बजे तक सभी इकाईयों को सिंक्रोनाइज कर लिया गया है। इसके साथ ही परियोजना का उत्पादन बढकर 1756 मेगावाट पहुंच गया है। जबकि टरबाइन जनरेटर में आग लग जाने के कारण परियोजना की 500 मेगावाट क्षमता की सातवीं इकाई डेढ वर्ष से बंद चल रही है। प्रदेश में रविवार शाम तक बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट पहुंच गई है। पीक आवर में इसमें और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में ए परियोजना से उत्पादन प्रारंभ हो जाने से पावर कार्पोरेशन को काफी राहत मिली है। उत्पादनरत हो जाने से प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की राह काफी सुगम हो गई है।
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