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पत्नी का दाह संस्कार करने के लिए बंदी को नहीं मिली अनुमति
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जिला कारागार में आपराधिक मामलों में विचाराधीन बंदी मुन्ना निवासी अदलगंज थाना चोपन की पत्नी हीरामणि की रविवार को मौत हो गई। परिवार के लोगों ने जेल से मुन्ना को निकाल कर पत्नी का दाह संस्कार कराने के लिए प्रयासरत रहे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सोमवार को मृतका के नाबालिग बच्चे ने मां का दाह संस्कार किया।
कुछ माह पूर्व अदलगंज गांव के टोला कोटिया निवासी मुन्ना आपराधिक मामले में विचाराधीन बंदी है। मुन्ना की पत्नी हीरामणि दो मासूम बच्चों के साथ अकेली रहती थी। रविवार की दोपहर दो बजे हीरामणि का आकस्मिक निधन हो गया। ग्राम प्रधान अशोक मौर्य ने मृतका के परिजनों को सूचना देने के पश्चात उसके पति द्वारा दाह-संस्कार कराए जाने के लिए डीएम समेत संबंधित अधिकारियों के यहां रविवार से लेकर सोमवार की दोपहर तक प्रयास करते रहे लेकिन बंदी मुन्ना को पत्नी का दाह-संस्कार करने के लिए जेल से अनुमति नहीं मिली। बाद में हीरामणि के नाबालिग बेटे ने मां को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। जिला कारागार अधीक्षक जगदंबा दुबे ने बताया कि प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी कार्यालय से मिला था लेकिन शासनादेश के तहत विचाराधीन बंदी को छुट्टी, अवकाश देने का कोई प्रावधान नहीं है। कहा कि डीएम को शासनादेश के तहत पत्र का जवाब दे दिया गया है।
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कुछ माह पूर्व अदलगंज गांव के टोला कोटिया निवासी मुन्ना आपराधिक मामले में विचाराधीन बंदी है। मुन्ना की पत्नी हीरामणि दो मासूम बच्चों के साथ अकेली रहती थी। रविवार की दोपहर दो बजे हीरामणि का आकस्मिक निधन हो गया। ग्राम प्रधान अशोक मौर्य ने मृतका के परिजनों को सूचना देने के पश्चात उसके पति द्वारा दाह-संस्कार कराए जाने के लिए डीएम समेत संबंधित अधिकारियों के यहां रविवार से लेकर सोमवार की दोपहर तक प्रयास करते रहे लेकिन बंदी मुन्ना को पत्नी का दाह-संस्कार करने के लिए जेल से अनुमति नहीं मिली। बाद में हीरामणि के नाबालिग बेटे ने मां को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। जिला कारागार अधीक्षक जगदंबा दुबे ने बताया कि प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी कार्यालय से मिला था लेकिन शासनादेश के तहत विचाराधीन बंदी को छुट्टी, अवकाश देने का कोई प्रावधान नहीं है। कहा कि डीएम को शासनादेश के तहत पत्र का जवाब दे दिया गया है।
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