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चिंई की समस्या से निपटने की तैयारियां हुई तेज
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सोनभद्र। किसानों की आय दोगुना करने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने खेतों की सिंचाई का इंतजाम करने में जुट गया है। वर्ष 2020-21 में सोन, बेलन समेत अन्य नदियों के तटवर्ती इलाकों के गांवों में 1000 बोरिंग कराई जाएगी। डीएम एस. राजलिंगम ने लघु सिंचाई विभाग को बोरिंग कराने के लिए निर्देश दिया। इन बोरिंगों के होने से सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
बता दें कि जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगलों/पहाड़ों से आच्छादित है। इस नाते बारिश का पानी संपूर्ण संचयन नहीं हो पाता। राबर्ट्सगंज, चतरा, चोपन, घोरावल ब्लॉक के सोन नदी, बेलन समेत अन्य नदी और नालों के तटवर्ती इलाकों के गांवों मेें खेतों के सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। जरूरत के अनुसार बारिश न होने पर किसानों के आंखों के सामने सिंचाई के अभाव में फसलें सूख जाती है। हालांकि इस समस्या से किसानों को निजात दिलाने के लिए योगी और मोदी सरकार ने जिला प्रशासन को जरूरत के अनुसार खेतों में बोरिंग कराने का फरमान जारी किया है। ताकि सिंचाई के अभाव फसलें बर्बाद न हो सकें। आदेेश के क्रम में सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिला योजना समिति की बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. सतीश चंद्र की मौजूदगी में खेतों की सिंचाई के लिए एक हजार बोरिंग कराए जाने के प्रस्ताव पर मोहर लगी। इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के एक्सईएन अजय कुमार कैसर ने बताया कि नदियों/नालों के तटवर्ती समेत अन्य जिन गांवों में सिंचाई की समस्याएं होगी वहां एक हजार बोरिंग कराने का लक्ष्य है। ताकि सिंचाई के अभाव में फसलें सूख न सकें। कहा कि नियमानुसार बोरिंग का कार्य कराने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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बता दें कि जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगलों/पहाड़ों से आच्छादित है। इस नाते बारिश का पानी संपूर्ण संचयन नहीं हो पाता। राबर्ट्सगंज, चतरा, चोपन, घोरावल ब्लॉक के सोन नदी, बेलन समेत अन्य नदी और नालों के तटवर्ती इलाकों के गांवों मेें खेतों के सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। जरूरत के अनुसार बारिश न होने पर किसानों के आंखों के सामने सिंचाई के अभाव में फसलें सूख जाती है। हालांकि इस समस्या से किसानों को निजात दिलाने के लिए योगी और मोदी सरकार ने जिला प्रशासन को जरूरत के अनुसार खेतों में बोरिंग कराने का फरमान जारी किया है। ताकि सिंचाई के अभाव फसलें बर्बाद न हो सकें। आदेेश के क्रम में सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिला योजना समिति की बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. सतीश चंद्र की मौजूदगी में खेतों की सिंचाई के लिए एक हजार बोरिंग कराए जाने के प्रस्ताव पर मोहर लगी। इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के एक्सईएन अजय कुमार कैसर ने बताया कि नदियों/नालों के तटवर्ती समेत अन्य जिन गांवों में सिंचाई की समस्याएं होगी वहां एक हजार बोरिंग कराने का लक्ष्य है। ताकि सिंचाई के अभाव में फसलें सूख न सकें। कहा कि नियमानुसार बोरिंग का कार्य कराने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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