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दो ब्लाकों के गठन के बाद परिसीमन की तैयारी तेज
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सोनभद्र। जिले में दो नए ब्लाक करमा और कोन के गठन के बाद जिला तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए नए सिरे से वार्डों के परिसीमन की जद्दोजहद शुरू हो गई है। इसके अलावा नवगठित अनपरा नगर पंचायत में म्योरपुर ब्लाक की छह ग्राम पंचायतें तथा इसी ब्लाक की एक ग्राम पंचायत रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल होने के बाद ग्राम पंचायतों में वार्डों के परिसीमन की तैयारी भी तेज कर दी गई है। उधर, जो ग्राम पंचायतें नगर पंचायतों में शामिल हुई हैं, वहां की बदली परिस्थितियों में परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए शासन ने 11 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है।
म्योरपुर ब्लाक की छह ग्राम पंचायतें डिबुलगंज, अनपरा, औड़ी, परासी, ककरी, गरबंधा, रेहटा अनपरा नगर पंचायत में पूर्ण रूप से और कुलडोमरी आंशिक रूप से शामिल की गई है। जबकि खाड़पाथर पूर्ण रूप से व मुर्धवा आंशिक रूप से रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल कर ली गई है। इसके अलावा दो नए ब्लाकों करमा व कोन का भी गठन किया गया है। इसके तहत करमा में 63 तथा कोन में 31 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह पटेल का कहना है कि जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव के बाबत वार्डों के नए सिरे से परिसीमन के लिए पंचायत राज विभाग से जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा जो सात ग्राम पंचायतें अनपरा और रेणुकूट नगर पंचायतों में शामिल हुई हैं, उसके बाद बदली परिस्थितियों में ग्राम पंचायतों में वार्डों का परिसीमन भी किया जाना है। परिसीमन की प्रक्रिया शुर करने के लिए जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायतों में नए सिरे से वार्डों के परिसीमन के लिए 11 नवंबर तक शासन स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन को जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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इनसेट
नए ब्लाकों के गठन का सर्वाधिक प्रभाव राबर्ट्सगंज, घोरावल, चोपन पर
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। नए ब्लाकों के गठन का सबसे अधिक प्रभाव राबर्ट्सगंज, घोरावल व चोपन ब्लाक पर पड़ा है। वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान घोरावल ब्लाक में 144, राबर्ट्सगंज में 140 व चोपन में 61 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। इनके अलावा नगवां ब्लाक में 52, चतरा में 60, दुद्धी में 60, बभनी में 40 व म्योरपुर में 80 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। दो नए ब्लाकों के गठन और म्योरपुर की सात ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप और दो आंशिक रूप से अनपरा तथा रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल होने के बाद जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए वार्डों का नए सिरे से परिसीमन जरूरी हो गया है। खास तौर से राबर्ट्सगंज की 27, घोरावल की 36, चोपन की 25 की ग्राम पंचायतें दोनों नवगठित ब्लाकों में शामिल कर लिए जाने से इन ब्लाकों पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा अनपरा नगर पंचायत अस्तित्व में आने के बाद जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या भी कम हुई है। पहले जिले में 637 ग्राम पंचायतें थीं। अब म्योरपुर ब्लाक की छह ग्राम पंचायतें अनपरा और एक ग्राम पंचायत रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल होने के बाद ग्राम सभाओं के वार्डों का परिसीमन भी जरूरी हो गया है।
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म्योरपुर ब्लाक की छह ग्राम पंचायतें डिबुलगंज, अनपरा, औड़ी, परासी, ककरी, गरबंधा, रेहटा अनपरा नगर पंचायत में पूर्ण रूप से और कुलडोमरी आंशिक रूप से शामिल की गई है। जबकि खाड़पाथर पूर्ण रूप से व मुर्धवा आंशिक रूप से रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल कर ली गई है। इसके अलावा दो नए ब्लाकों करमा व कोन का भी गठन किया गया है। इसके तहत करमा में 63 तथा कोन में 31 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह पटेल का कहना है कि जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव के बाबत वार्डों के नए सिरे से परिसीमन के लिए पंचायत राज विभाग से जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा जो सात ग्राम पंचायतें अनपरा और रेणुकूट नगर पंचायतों में शामिल हुई हैं, उसके बाद बदली परिस्थितियों में ग्राम पंचायतों में वार्डों का परिसीमन भी किया जाना है। परिसीमन की प्रक्रिया शुर करने के लिए जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायतों में नए सिरे से वार्डों के परिसीमन के लिए 11 नवंबर तक शासन स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन को जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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नए ब्लाकों के गठन का सर्वाधिक प्रभाव राबर्ट्सगंज, घोरावल, चोपन पर
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। नए ब्लाकों के गठन का सबसे अधिक प्रभाव राबर्ट्सगंज, घोरावल व चोपन ब्लाक पर पड़ा है। वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान घोरावल ब्लाक में 144, राबर्ट्सगंज में 140 व चोपन में 61 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। इनके अलावा नगवां ब्लाक में 52, चतरा में 60, दुद्धी में 60, बभनी में 40 व म्योरपुर में 80 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। दो नए ब्लाकों के गठन और म्योरपुर की सात ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप और दो आंशिक रूप से अनपरा तथा रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल होने के बाद जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए वार्डों का नए सिरे से परिसीमन जरूरी हो गया है। खास तौर से राबर्ट्सगंज की 27, घोरावल की 36, चोपन की 25 की ग्राम पंचायतें दोनों नवगठित ब्लाकों में शामिल कर लिए जाने से इन ब्लाकों पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा अनपरा नगर पंचायत अस्तित्व में आने के बाद जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या भी कम हुई है। पहले जिले में 637 ग्राम पंचायतें थीं। अब म्योरपुर ब्लाक की छह ग्राम पंचायतें अनपरा और एक ग्राम पंचायत रेणुकूट नगर पंचायत में शामिल होने के बाद ग्राम सभाओं के वार्डों का परिसीमन भी जरूरी हो गया है।
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