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Sonebhadra News: कैमरे की निगरानी में हुआ प्रसूता के शव का पोस्टमार्टम

Mon, 31 Mar 2025 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:18 PM IST
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Post-mortem of the pregnant woman's body was done under camera surveillance
पीपीपी मॉडल पर संचालित मातृ-शिशु इकाई (एमसीएच विंग) में प्रसूता की मौत के मामले में सोमवार को डॉक्टरों की दो सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। प्रसूता की मौत के लिए परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया था।
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करमा थाना क्षेत्र के बहेरा निवासी ऊषा देवी (24) को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार को एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था। वहां रात में ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ था। परिजनों के अनुसार रविवार की सुबह 11 बजे प्रसूता को खून चढ़ाया गया। इस दौरान कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
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नर्स ने ही खून की बोतल लगाई और फिर कुछ दूर जाकर बैठ गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद ऊषा की तबीयत बिगड़ गई। तेज दर्द से छटपटाने की जानकारी होने पर वह ड्यूटी पर तैनात नर्स से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन वह इसे सामान्य बात बताते हुए मोबाइल फोन में व्यस्त रही।
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ऊषा ने दोपहर एक बजे दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। रात नौ बजे तक कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। आठ घंटे बाद पुलिस को शव कब्जे में मिला। सोमवार को डॉक्टरों के दो सदस्यीय दल ने वीडियो कैमरे की निगरानी में पोस्टमार्टम किया।
इसकी रिपोर्ट सीएमओ और पुलिस को सौंपी गई है। मामले को सीएमओ ने गंभीरता से लिया है। एमसीएच विंग का संचालन करने वाली संस्था हेरिटेज के सीईओ को जांच और कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
पत्र में अस्पताल की दुर्व्यवस्था, आए दिन मरीजों को होने वाली दिक्कतों का उल्लेख किया गया है। चिकित्सकों के गायब रहने, ठीक ढंग से काम नहीं करने की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया है।
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एमसीएच विंग अधीक्षक से जवाब तलब
सीएमओ ने प्रसूता की मौत मामले में एमसीएच विंग के अधीक्षक डाॅ. डीके सिंह से जवाब तलब किया है। उनसे यह जानकारी मांगी गई है कि रविवार को घटना के वक्त अस्पताल में कोई भी डाॅक्टर क्यों नहीं था। अगर अधीक्षक अवकाश पर थे तो कार्यभार किसे सौंपा गया था। इन सब पर जवाब आने हैं। दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखकर एमसीएच के देखभाल और निगरानी को लेकर जानकारी मांगी गई है।


निजी अस्पताल से आया था खून
प्रसूता की मौत मामले में एक नया तथ्य सामने आया है। एमसीएच विंग में भर्ती प्रसूता के लिए खून सरकारी की बजाय निजी ब्लड बैंक से मंगाया गया था। इसे चढ़ाने के दौरान ही मृतका की तबीयत बिगड़ी थी। ऐसे में मौत की एक वजह लापरवाही के साथ संक्रमण को भी माना जा रहा है।


महिला के शव का सोमवार को दो सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसकी विडियोग्राफी कराई गई है। मामले में तीन पत्र भी जारी किया गया है। संबंधित संस्था के उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। एमसीएच विंग के अधीक्षक से भी जवाब मांगा गया है। जवाब आने पर आगे की कार्रवाई होगी। -डाॅ. अश्विनी कुमार, सीएमओ।
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