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प्रदूषण मानक का ख्याल न रखने पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Thu, 12 Jan 2017 09:24 PM IST
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बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्रों में गुरुवार की शाम प्रशासनिक अमले में क्रशर प्लांटों पर छापा मारा। कमियां पाए जाने पर आठ प्लांटों को सीज कर दिया गया। गुरुवार की शाम बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में जांच पड़ृताल के दौरान कमियां ही कमियां मिली।रमेश स्टोन प्रथम एवं द्वितीय यूनिट, सुशील ग्रीट, सिद्धिविनायक स्टोन, अवध इंजीनियरिंग वक्र्स, राजा स्टोन एवं शारादह स्टोन पर कमियां पाई गई।
मानकों का पालन न करने और बार-बार आदेशों के बावजूद नियमों की अनदेखी के कारण संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जहां पाया की खनन क्षेत्र क्रिटकली पोल्युटेड एरिया में आता है। प्रदूषण रोकथाम के लिए कई बार क्रेशर मालिकों को कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी क्रेशर मालिकों की लापरवाही से क्रेशर इकाइयों के संचालन से धूल उत्सर्जित हो रही है। नियम विरूद्ध क्रेशर प्लांटो पर डोलो स्टोन पत्थरों को एकत्र किया जाना पाया गया। जिसके कारण क्रेशर प्लांटो को प्रतिबंधिंत कर सीज कर दिया गया। प्रतिबंधित क्रेशर प्लांटों की निगरानी की जिम्मेदारी डाला चौकी को दिया गया है। बताया की के्रशर प्लांट को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा।
टीम को देखते ही क्षेत्र मे अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई क्रेशर प्लांट मालिक अपने प्रतिष्ठान को बंद करके फरार हो गए। टीम में नायब तहसीलदार पवन कुमार सिंह, खनन विभाग के वरिष्ठ सर्वेयर राजनाथ प्रजापति, बेद प्रकाश शुक्ला, संतोष पाल, प्रदूषण विभाग के सहायक वैज्ञानिक प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, बिजली विभाग के अवर अभियंता अरबिंद कुमार मौर्य, बन विभाग एवं सुरक्षा व्यवसथा में डाला पुलिस मौजूद रही।
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राजेश पाठक
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मानकों का पालन न करने और बार-बार आदेशों के बावजूद नियमों की अनदेखी के कारण संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जहां पाया की खनन क्षेत्र क्रिटकली पोल्युटेड एरिया में आता है। प्रदूषण रोकथाम के लिए कई बार क्रेशर मालिकों को कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी क्रेशर मालिकों की लापरवाही से क्रेशर इकाइयों के संचालन से धूल उत्सर्जित हो रही है। नियम विरूद्ध क्रेशर प्लांटो पर डोलो स्टोन पत्थरों को एकत्र किया जाना पाया गया। जिसके कारण क्रेशर प्लांटो को प्रतिबंधिंत कर सीज कर दिया गया। प्रतिबंधित क्रेशर प्लांटों की निगरानी की जिम्मेदारी डाला चौकी को दिया गया है। बताया की के्रशर प्लांट को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा।
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टीम को देखते ही क्षेत्र मे अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई क्रेशर प्लांट मालिक अपने प्रतिष्ठान को बंद करके फरार हो गए। टीम में नायब तहसीलदार पवन कुमार सिंह, खनन विभाग के वरिष्ठ सर्वेयर राजनाथ प्रजापति, बेद प्रकाश शुक्ला, संतोष पाल, प्रदूषण विभाग के सहायक वैज्ञानिक प्रदीप कुमार विश्वकर्मा, बिजली विभाग के अवर अभियंता अरबिंद कुमार मौर्य, बन विभाग एवं सुरक्षा व्यवसथा में डाला पुलिस मौजूद रही।
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राजेश पाठक