जिले के अंतिम छोर पर स्थित गांवों के युवाओं के लिए खुशखबरी है। उच्च शिक्षा के लिए उन्हें अब दूर नहीं जाना होगा। बभनी ब्लाक के पोखरा में निर्माणाधीन राजकीय मॉडल महाविद्यालय में इसी सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इसकी हरी झंडी मिल गई है। मंगलवार को विद्यापीठ के शक्तिनगर कैंपस के प्रोफेसर ने भवन का निरीक्षण किया। लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बताया कि इसी सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू कराया जाना है।
अति पिछड़े जिले के सुदूरवर्ती अंचल में युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के कोई समुचित साधन नहीं है। उन्हें सबसे नजदीकी दुद्धी में स्थित राजकीय कॉलेज में पढ़ाई के लिए भी 50 किमी दूर जाना पड़ता है। इस कारण तमाम युवा इंटर की पढ़ाई के बाद घर बैठ जाते हैं। खासतौर से लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा पाना सपना बनकर रह गया था। इसी सपने को पूरा करने के लिए पिछले पांच वर्षों से पोखरा में 9.34 करोड़ रुपये से राजकीय मॉडल महाविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माणाधीन भवन में 10 कक्षा कक्ष, एक कंप्यूटर कक्ष, हॉल, चार प्रयोगशाला, चार कार्यालय कक्ष का निर्माण हुआ है। वायरिंग, टाइल्स, शौचालय के कुछ काम अधूरे हैं। मंगलवार को निरीक्षण पर पहुंचे प्रांत सह संगठन मंत्री आनंद जी और विद्यापीठ के शक्तिनगर कैंपस के प्राध्यापक डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया। अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। महाविद्यालय के संचालन की सूचना से क्षेत्रीय लोगों में खुशी है।