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सहजीवन शिविर में सीखे व्यक्तित्व विकास के गुर
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किशोर-किशोरियों का क्षमता विकास कर सामुदायिक विकास में सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनवासी सेवा आश्रम जीवन शाला मनबसा में चल रहे तीन दिवसीय किशोर-किशोरी सहजीवन शिविर का समापन रविवार को हुआ। शिविर में करमडाड़, कटौली, गुलालझरिया, कटौंधी व झारो गांवों के 50 किशोर-किशोरी व अन्य शामिल हुए।
सभी किशोर प्रतिभागी तीन दिन समूहों में बंट कर शिविर के गतिविधियों में सहभागी बने। सभी ने मिलकर सामूहिक श्रमदान, सामयिक विषयों पर नाटक, क्रांति गीत, सामूहिक खेल, झंडारोहण में भाग लिया। ग्राम पंचायत अपनी सरकार व क्षेत्र का इतिहास जैसे विषयों पर चर्चा कर जानकारी दी गई। जैविक खेती, घर व्यवस्था व महिला पुरूष समानता जैसे विषयों पर परिवारों से जानकारी शिविर में प्रस्तुत किया। किशोरों और किशोरियों ने तय किया कि हर माह अपने-अपने गांव में बैठक करेंगे और यहां से सीखी बातों व खेलों को अपने गांवों में लागू करेंगे। शिविर में केवला दुबे, रामजतन शुक्ला, नीरा बहन, मानमाती, प्रेमदयाल, जगत भाई, अशोक, दीपचन्द, मीना बहन, विनय, रामेश्वर आदि उपस्थित रहे। संयोजन शिवनारायण भाई ने किया।
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सभी किशोर प्रतिभागी तीन दिन समूहों में बंट कर शिविर के गतिविधियों में सहभागी बने। सभी ने मिलकर सामूहिक श्रमदान, सामयिक विषयों पर नाटक, क्रांति गीत, सामूहिक खेल, झंडारोहण में भाग लिया। ग्राम पंचायत अपनी सरकार व क्षेत्र का इतिहास जैसे विषयों पर चर्चा कर जानकारी दी गई। जैविक खेती, घर व्यवस्था व महिला पुरूष समानता जैसे विषयों पर परिवारों से जानकारी शिविर में प्रस्तुत किया। किशोरों और किशोरियों ने तय किया कि हर माह अपने-अपने गांव में बैठक करेंगे और यहां से सीखी बातों व खेलों को अपने गांवों में लागू करेंगे। शिविर में केवला दुबे, रामजतन शुक्ला, नीरा बहन, मानमाती, प्रेमदयाल, जगत भाई, अशोक, दीपचन्द, मीना बहन, विनय, रामेश्वर आदि उपस्थित रहे। संयोजन शिवनारायण भाई ने किया।
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