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पालिका क्षेत्र का 32 वर्षं बाद भी नही हुआ विकास

Mon, 06 Dec 2021 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 11:39 PM IST
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paalika kshetr ka 32 varshan baad bhee nahee hua vikaas
राबर्ट्सगंज पकरी गांव की क्षतिग्रस्त सड़क। - फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। जनपद सृजन के 32 वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक नगर पालिका परिषद राबर्ट्र्सगंज का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो सका है। जहां आबादी बसी वहीं नई कालोनी भी आबाद हो गई। 2011 में जनगणना के बाद भी नगर पालिका क्षेत्र का दायरा जस की तस है। सरकर की सुस्ती से पालिका में शामिल होने वाले आसपास के 17 गांवो के लोगों की हसरतें पूरी नहीं हो सकीं। इससे विकास पर भी ग्रहण लग गया है, तमाम लोग शहर में रहने के बावजूद नागरिक सुविधाओं से वंचित हैं। साल भर से लोग सीमा विस्तार को मंजूरी मिलने की आस लगाए बैठे हैं। चार मार्च 1989 को मिर्जापुर जनपद से से अलग होकर सोनभद्र बना। जनपद सृजन के 32 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद नगर का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो सका है। राबर्ट्र्सगंज को 1928 को टाउन एरिया घोषित किया गया। उसके बाद 1973 में विस्तार करते हुए 27 मार्च 1979 को नगर पालिका का दर्जा मिला। पालिका का वर्तमान क्षेत्रफल करीब साढ़े दस वर्ग किलोमीटर है। 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 36689 है, जबकि वर्तमान में यह 60 हजार तक पर्हुंच गई है। 2020 में जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका में शमिल करने के लिए पकरी, बभनौली, घुवास खुर्द, सजौर, मेहुड़ी खुर्द, सहिजन कला, सहिजन खुर्द, पीथा, कम्हारी, बढ़ौली, पुसौली, इमरती, उरमौरा, छपका, बिचपई, लोढ़ी और रौप गांव का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। प्रस्तावित सीमा विस्तार हुआ तो पालिका का क्षेत्रफल करीब 28 वर्ग किलोमीटर में हो जाएगा और आबादी एक लाख के पार पहुंच जाएगी। हालांकि साल भर से इस पर कैबिनेट की मुहर नहीं लगी है। जबकि सीमा विस्तार होते ही अमृत शहर योजना में राबर्ट्र्सगंज शामिल हो जाता और, सड़क, बिजली, शिक्षा, पेयजल आदि के क्षेत्रों में विकास तेजी से होने लगेगा। वर्तमान में नगर पालिका में शामिल होने वाले गांवों में विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है, जबकि लोढ़ी में कलेक्ट्रेट्र विकास भवन, जिला अस्पताल, डीएफओ, एआरटीओ समेत अन्य अधिकारियों के आफिस है। इसके अलावा डीएम, एसपी, सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों का आवास है।
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