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भू-माफियाओं के खिलाफ उठाएं कठोर कदम
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सोनभद्र। डीएम एस. राजलिंगम ने बुधवार को राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाने और पात्र गरीबों को परेशान न करने का निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिया।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के जमीनों के बचाव के लिए राजस्व संहिता के अनुरूप सरकारी पैनल के वकीलों की व्यवस्था एक महीने के अंदर कर ली जाय। जमीन संबंधी विवादों के मामलों में एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस अधिकारियों के साथ प्रकरण की गंभीरता के मुताबिक स्वयं मौके पर पहुंचें। प्रकरण का निस्तारण कराते हुए मौके की फोटोग्राफी भी निस्तारण आख्या रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत करें।
डीएम ने कहा कि जमीन संबंधी मामलों को सीधा संज्ञान लें और जहां भी कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति की आशंका हो, वहां तत्काल मौके पर एसडीएम, सीओ के साथ पहुंच कर प्रकरण का निस्तारण करें और निस्तारण स्थल की फोटो निस्तारण आख्या के साथ प्रस्तुत करें। सामान्य मामलोें में लेखपाल, कानूनगो, थानेदार, दारोगा के साथ मौके पर जाएं और प्रकरण का निस्तारण करने के साथ ही प्रकरण की स्थिति से एसडीएम व सीओ को अवगत कराते रहें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के लेखपाल व कानूनगो सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए जिम्मेदार बनाये गये हैं, जो प्रकरण कानूनगो व लेखपाल के स्तर पर पुलिस बल के साथ निस्तारित हो सकते हैं, उनका निस्तारण किया जाय। अन्य प्रकरणों को तत्काल उसी दिन तहसीलदार व उप जिलाधिकारी को बताया जाय। लेखपाल व कानून-गो के स्तर से निस्तारित किये गये, प्रकरणों की क्रास चेकिंग एसडीएम व सीओ करेंगे। डीएम, एसपी स्तर से भी जमीनी प्रकरण के निस्तारण की समीक्षा होगी। आगामी मोहर्रम पर्व के दृष्टिगत एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में निगाह रखें और समय रहते कानून-व्यवस्था से संभावित मामलों को निस्तारित करते हुए कानून व्यवस्था बनाये रखें। बैठक में एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम यमुनाधर चौहान, दुद्धी सुशील कुमार यादव, डॉ. कृपा शंकर पांडेय, तहसीलदार, एआरटीओ अरविंद मिश्रा, एसपी राय, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर मनोज सिंह मौजूद रहें।
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उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के जमीनों के बचाव के लिए राजस्व संहिता के अनुरूप सरकारी पैनल के वकीलों की व्यवस्था एक महीने के अंदर कर ली जाय। जमीन संबंधी विवादों के मामलों में एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस अधिकारियों के साथ प्रकरण की गंभीरता के मुताबिक स्वयं मौके पर पहुंचें। प्रकरण का निस्तारण कराते हुए मौके की फोटोग्राफी भी निस्तारण आख्या रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत करें।
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डीएम ने कहा कि जमीन संबंधी मामलों को सीधा संज्ञान लें और जहां भी कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति की आशंका हो, वहां तत्काल मौके पर एसडीएम, सीओ के साथ पहुंच कर प्रकरण का निस्तारण करें और निस्तारण स्थल की फोटो निस्तारण आख्या के साथ प्रस्तुत करें। सामान्य मामलोें में लेखपाल, कानूनगो, थानेदार, दारोगा के साथ मौके पर जाएं और प्रकरण का निस्तारण करने के साथ ही प्रकरण की स्थिति से एसडीएम व सीओ को अवगत कराते रहें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के लेखपाल व कानूनगो सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए जिम्मेदार बनाये गये हैं, जो प्रकरण कानूनगो व लेखपाल के स्तर पर पुलिस बल के साथ निस्तारित हो सकते हैं, उनका निस्तारण किया जाय। अन्य प्रकरणों को तत्काल उसी दिन तहसीलदार व उप जिलाधिकारी को बताया जाय। लेखपाल व कानून-गो के स्तर से निस्तारित किये गये, प्रकरणों की क्रास चेकिंग एसडीएम व सीओ करेंगे। डीएम, एसपी स्तर से भी जमीनी प्रकरण के निस्तारण की समीक्षा होगी। आगामी मोहर्रम पर्व के दृष्टिगत एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में निगाह रखें और समय रहते कानून-व्यवस्था से संभावित मामलों को निस्तारित करते हुए कानून व्यवस्था बनाये रखें। बैठक में एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम यमुनाधर चौहान, दुद्धी सुशील कुमार यादव, डॉ. कृपा शंकर पांडेय, तहसीलदार, एआरटीओ अरविंद मिश्रा, एसपी राय, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर मनोज सिंह मौजूद रहें।
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