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रामसुंदर की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश
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विंढमगम थाना क्षेत्र के पकरी गांव निवासी रामसुंदर पुत्र विश्वनाथ की पिछले दिनों हुई संदिग्ध हाल में मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने एसडीएम जिला मुख्यालय को इस मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रेट नामित किया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक रामविचार सिंह व संगठन मंत्री शिव प्रसाद आयम ने बुधवार को उनसे मिलकर रामसुंदर की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग संबंधी ज्ञापन दिया। जनजाति सुरक्षा मंच के लोगों ने नगवां बालू साइट के नाम पर काश्तकारों की भूमिधरी की जमीन पर खनन किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही खनन को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होने का आरोप भी लगाया और खनन साइट का सीमांकन कराकर रामसुंदर की संदिग्ध हाल में मौत के मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा मंच की तरफ से दिए गए ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया है कि रामसुंदर की मौत के मामले से ध्यान बंटाने तथा गलत तरीके से किए जा रहे खनन को छिपाने के लिए विंढमगंज व दुद्धी पुलिस ने आदिवासियों को गलत तरीके से मुकदमा दर्ज कर फंसाया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच की मांगों के दृष्टिगत रामसुंदर की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया गया है। एसडीएम मुख्यालय डा.कृपाशंकर पांडेय को जांच के लिए मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। उन्हें 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
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जिलाधिकारी ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक रामविचार सिंह व संगठन मंत्री शिव प्रसाद आयम ने बुधवार को उनसे मिलकर रामसुंदर की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग संबंधी ज्ञापन दिया। जनजाति सुरक्षा मंच के लोगों ने नगवां बालू साइट के नाम पर काश्तकारों की भूमिधरी की जमीन पर खनन किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही खनन को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होने का आरोप भी लगाया और खनन साइट का सीमांकन कराकर रामसुंदर की संदिग्ध हाल में मौत के मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा मंच की तरफ से दिए गए ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया है कि रामसुंदर की मौत के मामले से ध्यान बंटाने तथा गलत तरीके से किए जा रहे खनन को छिपाने के लिए विंढमगंज व दुद्धी पुलिस ने आदिवासियों को गलत तरीके से मुकदमा दर्ज कर फंसाया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच की मांगों के दृष्टिगत रामसुंदर की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया गया है। एसडीएम मुख्यालय डा.कृपाशंकर पांडेय को जांच के लिए मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। उन्हें 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
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