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Sonebhadra News: जुलाई से माध्यमिक विद्यालयों में लगेगी ऑनलाइन हाजिरी
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सोनभद्र। ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से खुल रहे माध्यमिक विद्यालयों में कई अहम बदलाव होंगे। स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था शुरू होगी। फिलहाल यह शिक्षकों पर लागू होगा। इसके बाद विद्यार्थियों को भी इससे जोड़ा जाएगा। विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए इसे लागू किया जा रहा है। इसके आदेश से शिक्षकों की बेचैनी बढ़ने लगी है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन जिले में 55 राजकीय, 10 वित्तपोषित विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में तीन सौ से अधिक प्रवक्ता, सहायक अध्यापक व कर्मचारियों की तैनाती है। सुदूर इलाकाें में स्थित विद्यालयों में विभाग नामांकन तो बढ़ा रहा है, लेकिन नियमित उपस्थिति बढ़ाने में पर्याप्त सफलता नहीं मिल पा रही। बच्चे ही नहीं कई बार शिक्षक भी मनमाने ढंग से विद्यालय नहीं पहुंचते। बाद में रजिस्टर में हाजिरी लगा देते हैं। इससे जहां पठन-पाठन प्रभावित हो रही है, वहीं विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था शुरू की है। पहले चरण में यह शिक्षकों के लिए लागू किया जा रहा है। उन्हें मोबाइल एप दिया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी उपस्थिति लगाएंगे। जीपीएस आधारित इस एप से उपस्थिति दर्ज करते ही उनकी वास्तविक लोकेशन भी दर्ज हो जाएगी। वह कितने बजे विद्यालय में उपस्थित हुए और किस दिन नहीं आए, इसका पूरा ब्योरा एस से जाना जा सकेगा। डीआईओएस को इस पर निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं अगले चरण में विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन हाजिरी से जोड़ा जाएगा। माना जा रहा है कि इससे व्यवस्था में सुधार होगा।
नेटवर्क विहीन इलाकों में आएगी दिक्कत
विभाग ने ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू करने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन जिले में इसके अनुपालन को लेकर तमाम मुश्किलें भी हैं। सबसे बड़ी कठिनाई नेटवर्क की है। जुगैल, मेड़रदह, बेलहत्थी, चांगा, चेरुई सहित कई क्षेत्र के विद्यालयों में नेटवर्क ही नहीं है। इसके अलावा जिन विद्यालयों में नेटवर्क भी है तो उससे सिर्फ बात ही हो पाती है। स्पीड कम होने से इंटरनेट बमुश्किल चल पाता है। ऐसे में वहां ऑनलाइन हाजिरी लगाने में चुनौती आएगी।
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जुलाई से विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू होना है। परिषद के निर्देशों से सभी शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है। इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। आगे कोई दिक्कत आती है तो उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर समाधान कराया जाएगा। -जयराम सिंह, डीआईओएस।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन जिले में 55 राजकीय, 10 वित्तपोषित विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में तीन सौ से अधिक प्रवक्ता, सहायक अध्यापक व कर्मचारियों की तैनाती है। सुदूर इलाकाें में स्थित विद्यालयों में विभाग नामांकन तो बढ़ा रहा है, लेकिन नियमित उपस्थिति बढ़ाने में पर्याप्त सफलता नहीं मिल पा रही। बच्चे ही नहीं कई बार शिक्षक भी मनमाने ढंग से विद्यालय नहीं पहुंचते। बाद में रजिस्टर में हाजिरी लगा देते हैं। इससे जहां पठन-पाठन प्रभावित हो रही है, वहीं विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था शुरू की है। पहले चरण में यह शिक्षकों के लिए लागू किया जा रहा है। उन्हें मोबाइल एप दिया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी उपस्थिति लगाएंगे। जीपीएस आधारित इस एप से उपस्थिति दर्ज करते ही उनकी वास्तविक लोकेशन भी दर्ज हो जाएगी। वह कितने बजे विद्यालय में उपस्थित हुए और किस दिन नहीं आए, इसका पूरा ब्योरा एस से जाना जा सकेगा। डीआईओएस को इस पर निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं अगले चरण में विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन हाजिरी से जोड़ा जाएगा। माना जा रहा है कि इससे व्यवस्था में सुधार होगा।
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नेटवर्क विहीन इलाकों में आएगी दिक्कत
विभाग ने ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू करने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन जिले में इसके अनुपालन को लेकर तमाम मुश्किलें भी हैं। सबसे बड़ी कठिनाई नेटवर्क की है। जुगैल, मेड़रदह, बेलहत्थी, चांगा, चेरुई सहित कई क्षेत्र के विद्यालयों में नेटवर्क ही नहीं है। इसके अलावा जिन विद्यालयों में नेटवर्क भी है तो उससे सिर्फ बात ही हो पाती है। स्पीड कम होने से इंटरनेट बमुश्किल चल पाता है। ऐसे में वहां ऑनलाइन हाजिरी लगाने में चुनौती आएगी।
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जुलाई से विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू होना है। परिषद के निर्देशों से सभी शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है। इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। आगे कोई दिक्कत आती है तो उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर समाधान कराया जाएगा। -जयराम सिंह, डीआईओएस।